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काशी में भादो की शुरुआत में झमाझम बारिश:1 सितंबर से फिर एक्टिव होगा मानसून; गंगा 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ी

काशी में भादो की शुरुआत में झमाझम बारिश:1 सितंबर से फिर एक्टिव होगा मानसून; गंगा 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ी

मानसून के सबसे महत्वपूर्ण महीने भादो की शुरुआत वाराणसी में अच्छी बारिश के साथ हुई है। शनिवार दोपहर बाद करीब सवा दो से सवा तीन बजे के बीच जिले के अधिकांश हिस्सों में जमकर मेघ बरसे। करीब एक घंटे तक हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया, वहीं कई इलाकों में सड़कों और निचले स्थानों पर पानी भी जमा हो गया। बारिश के दौरान बिजली की चमक और बादलों की तेज गर्जना ने मौसम के बदले मिजाज का अहसास कराया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार भादो में इसी तरह चमक-गरज के साथ बारिश का सिलसिला देखने को मिलता है। रविवार को भी वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने 31 अगस्त और एक सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसूनी गतिविधियां दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। इसके चलते सितंबर के शुरुआती दिनों में बारिश की रफ्तार बढ़ सकती है। सुबह से छाए रहे बादल, तापमान 29 डिग्री रविवार सुबह वाराणसी में आसमान में बादल छाए रहे। सुबह करीब आठ बजे तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में नमी अधिक होने के कारण लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ा। शनिवार को हुई बारिश के बाद तापमान में कुछ राहत मिली, लेकिन धूप निकलने पर उमस बढ़ने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग की नजर बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम की दिशा और उसकी सक्रियता पर है। गंगा फिर तेज गति से बढ़ी, 68.86 मीटर पहुंचा जलस्तर इधर, बारिश के बीच गंगा के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से बढ़ाव शुरू हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार सुबह आठ बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 68.86 मीटर दर्ज किया गया। गंगा यहां 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर है। ऐसे में खतरे के निशान से गंगा अभी 2.402 मीटर नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ाव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। गंगा के जलस्तर में तेजी को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत चौकियों और शिविरों को अलर्ट कर दिया है। अधिकारियों को निचले इलाकों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी भी तेज की जा रही है। वरुणा तटवर्ती इलाकों में फिर बढ़ी चिंता सबसे ज्यादा चिंता वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की है। पिछले दिनों गंगा के पलट प्रवाह के कारण वरुणा का पानी कई रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच गया था। जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति के चलते कई परिवारों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। कई दिनों की मशक्कत के बाद जब इन इलाकों से पानी उतरना शुरू हुआ, तब लोगों ने राहत की सांस ली थी। अब गंगा के फिर तेजी से बढ़ने और बारिश का दौर शुरू होने से इन परिवारों की चिंता दोबारा बढ़ गई है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा और बारिश भी जारी रही तो वरुणा के तटवर्ती इलाकों में दोबारा जलभराव की स्थिति बन सकती है।

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