झारखंड में 10 सालों से नहीं मिली पदोन्नति, आधे से अधिक जिलों में इंस्पेक्टर संभाल रहे कमान

झारखंड के आधे से अधिक जिलों में इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी अधीक्षक उत्पाद का पदभार संभाल रहे हैं, क्योंकि उत्पाद विभाग में एक दशक से प्रोन्नति नहीं हुई है।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के आधे से अधिक जिलों में अधीक्षक उत्पाद का पदभार इंस्पेक्टर स्तर के पदाधिकारी संभाल रहे हैं। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में दस साल से प्रोन्नति नहीं होने से उत्पाद दारोगा इंस्पेक्टर रैंक पर प्रोन्नत नहीं हो पा रहे हैं। इंस्पेक्टर रैंक के पदाधिकारी अधीक्षक उत्पाद नहीं बन पा रहे हैं। सहायक आयुक्त उत्पाद भी उपायुक्त उत्पाद के पद पर प्रोन्नत नहीं हो रहे हैं। पूरी व्यवस्था प्रभार में चल रही है। जबकि सरकार के स्तर पर इस व्यवस्था को समाप्त करने संबंधित आदेश जारी हो चुका है। इसी 19 मई 2026 को वित्त विभाग ने आदेश जारी कर रखा है कि किसी भी पद पर जूनियर को या तो प्रोन्नति देकर बैठाएं या फिर उसी पद पर बैठाएं लेकिन प्रभारी बनाकर। उदाहरण के लिए पलामू में अधीक्षक उत्पाद सुजीत कुमार हैं। वे कागज पर इंस्पेक्टर हैं। उन्हें समय से प्रोन्नति मिली होती तो वे अधीक्षक उत्पाद रहते। अब अगर उन्हें प्रोन्नति नहीं मिलती है तो उनका पद इंस्पेक्टर का ही रहेगा, वे अधीक्षक उत्पाद के पद पर बैठाए जाएंगे तो उन्हें प्रभारी अधीक्षक उत्पाद बनाया जा सकेगा। इसी तरह लोहरदगा में इंस्पेक्टर उत्पाद अनिल कुमार शर्मा, देवघर में इंस्पेक्टर उत्पाद विमला लकड़ा, सरायकेला में इंस्पेक्टर उत्पाद क्षितिज विजय मिंज, गिरिडीह में इंस्पेक्टर उत्पाद शिव कुमार साहू संबंधित जिलों के अधीक्षक उत्पाद बने हुए हैं, जबकि वित्त विभाग के आदेश का अनुपालन होतो तो वे वहां के प्रभारी अधीक्षक उत्पाद होते। वर्तमान वित्तीय वर्ष में आया है वित्त विभाग का आदेश वित्त विभाग का यह आदेश वर्तमान वित्तीय वर्ष में आया है। इसलिए अब पुरानी व्यवस्था बदलनी होगी। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग भी इस कोशिश में है कि वित्त विभाग के आदेश का अनुपालन हो जाए। इसकी प्रक्रिया भी शुरू है। इसका मतलब यह है कि अगर प्रोन्नति नहीं मिली तो इंस्पेक्टर उत्पाद पद वाला अधीक्षक उत्पाद नहीं बनेगा। वह इंस्पेक्टर उत्पाद ही रहेगा, उसे अधीक्षक उत्पाद का प्रभार सौंपा जाएगा। प्रत्येक वर्ष जून-जुलाई होनी है प्रोन्नति राज्य सरकार की कार्मिक प्रशासनिक एवं राजभाषा विभाग ने छह जुलाई 2026 को संकल्प जारी किया है कि प्रत्येक वर्ष जून व जुलाई महीने में सरकारी कर्मियों की प्रोन्नति हो जानी है। प्रोन्नति संबंधित कागजी प्रक्रिया पूरी करने में समय लगता है। विभाग चाहकर भी इस कम अवधि में इस वर्ष की प्रोन्नति प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाएगा। कुछ विभाग कार्मिक के इस संकल्प की आलोचना भी कर रहे हैं कि जून में प्रोन्नति की प्रक्रिया कैसे होगी, जब संकल्प ही जुलाई में जारी हुआ है तो। इस पत्र के आलोक में अब अगले साल ही कुछ हो पाएगा। फिर भी कार्मिक के इस पत्र के आलोक में विभागों में प्रोन्नति संबंधित प्रक्रिया जारी है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में है भारी कमी पद का नाम स्वीकृत कार्यरत रिक्तियां उपायुक्त उत्पाद 4 0 4 अधीक्षक उत्पाद 20 3 17 निरीक्षक उत्पाद 37 26 11 अवर निरीक्षक उत्पाद 125 54 71 सहायक अवर निरीक्षक 105 3 102 उत्पाद सिपाही 622 28 594 चालक 36 0 36 कुल योग 1066 164 902 यह भी पढ़ें- झारखंड पुलिस में एक ही IPS संभाल रहे तीन-तीन बड़े विभाग, कई को बड़ी जिम्मेदारियों का इंतजार
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