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120 रुपये के मोबाइल कवर को लेकर विवाद, SDM की कार्रवाई से गरमाया मामला

120 रुपये के मोबाइल कवर को लेकर विवाद, SDM की कार्रवाई से गरमाया मामला

शाहनगर: मध्य प्रदेश के शाहनगर से एक बेहद हैरान करने वाला और चर्चा का विषय बना मामला सामने आया है। यहां महज 120 रुपये के मोबाइल कवर को लेकर उपजा...

120 रुपये के मोबाइल कवर को लेकर विवाद, SDM की कार्रवाई से गरमाया मामला शाहनगर: मध्य प्रदेश के शाहनगर से एक बेहद हैरान करने वाला और चर्चा का विषय बना मामला सामने आया है। यहां महज 120 रुपये के मोबाइल कवर को लेकर उपजा विवाद तूल पकड़ गया है। ऑनलाइन मंगाए गए मोबाइल कवर में डिफेक्ट (खराबी) निकलने को लेकर उपजे इस विवाद में शाहनगर के एसडीएम रामनिवास चौधरी और डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा के बीच तीखी नोकझोक हो गई। बात बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और डिलीवरी बॉय के खिलाफ धारा 151 (शांति भंग की आशंका) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया, जिसके बाद से यह मामला शहरभर में चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल और लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यह पूरी घटना शाहनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सामने आई है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स प्रशासनिक अधिकारी के रवैये पर सवाल खड़े कर रहे हैं। क्या है पूरा विवाद और कैसे बढ़ी बात? वायरल हो रहे वीडियो में डिलीवरी बॉय को यह कहते हुए साफ सुना जा सकता है कि सर, पार्सल पर कंपनी की सील लगी हुई है और यह पूरी तरह से पैक था। उसने अधिकारी को सलाह दी कि यदि दो कवर मंगाए थे और अंदर एक निकला है, तो वे कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर रिटर्न या रिफंड के लिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिससे उनका पैसा सुरक्षित वापस मिल जाएगा। आरोप है कि इसके बावजूद अधिकारी ने डिलीवरी बॉय से ही पैसों की मांग की और मामला बढ़ने पर पुलिस को बुलाकर उसे हवालात भिजवा दिया। सोशल मीडिया पर हो रही जमकर आलोचना घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग एसडीएम के खिलाफ जमकर कमेंटबाजी कर रहे हैं। फेसबुक पर मुकेश सिंह नामक एक यूजर ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले का तुरंत संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगनी चाहिए, क्योंकि पैक पार्सल में डिलीवरी बॉय की कोई गलती नहीं होती है। इस पूरे प्रकरण के बाद से इलाके में प्रशासनिक अमले के कामकाज को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है।

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