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बोचहा में 15 अगस्त के झंडोत्तोलन पर भाजपा-जदयू में विवाद:बीस सूत्री कार्यालय में दो ताले, अध्यक्ष बोले- मेरी गैरमौजूदगी में उपाध्यक्ष ने फहराया झंडा

बोचहा में 15 अगस्त के झंडोत्तोलन पर भाजपा-जदयू में विवाद:बीस सूत्री कार्यालय में दो ताले, अध्यक्ष बोले- मेरी गैरमौजूदगी में उपाध्यक्ष ने फहराया झंडा

मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां प्रखंड मुख्यालय स्थित बीस सूत्री कार्यालय में 15 अगस्त को हुए झंडोत्तोलन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक खींचतान और तालाबंदी तक पहुंच गया है। बीस सूत्री अध्यक्ष सह भाजपा मंडल अध्यक्ष बसंतलाल सहनी और उपाध्यक्ष सह जदयू प्रखंड अध्यक्ष राम एकबाल सिंह इस मामले में आमने-सामने हैं। विवाद के बाद कार्यालय में दो अलग-अलग निजी ताले लगे हुए हैं और करीब एक पखवाड़े से सरकारी कार्यालय बंद पड़ा है। अध्यक्ष का आरोप- सर्वसम्मति के फैसले के बावजूद मेरी अनुपस्थिति में झंडा फहराया बीस सूत्री अध्यक्ष बसंतलाल सहनी ने बताया कि 15 अगस्त को झंडोत्तोलन को लेकर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था। उनका आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष राम एकबाल सिंह ने झंडोत्तोलन कर दिया। उन्होंने कहा कि इससे अध्यक्ष पद की गरिमा की अनदेखी हुई और बाद में कार्यालय में अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ। सहनी के अनुसार, लगातार हो रहे अपमान के कारण उन्होंने कार्यालय में तालाबंदी का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को ही कार्यालय में ताला लगा दिया गया था और इसकी सूचना बीडीओ समेत संबंधित अधिकारियों को दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि बीस सूत्री सदस्यों की बैठक बुलाकर पूरे मामले पर चर्चा की जाएगी, ताकि समिति का कामकाज दोबारा सुचारु रूप से शुरू हो सके। उपाध्यक्ष बोले- झंडोत्तोलन में देरी हो रही थी, लोगों के आग्रह पर फहराया तिरंगा वहीं, बीस सूत्री उपाध्यक्ष राम एकबाल सिंह ने अध्यक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को झंडोत्तोलन में देरी हो रही थी। वहां मौजूद बीस सूत्री सदस्यों और आम लोगों के आग्रह पर उन्होंने झंडोत्तोलन किया। राम एकबाल सिंह ने कहा कि बीस सूत्री कार्यालय सरकारी कार्यालय है और उस पर किसी व्यक्ति का निजी कब्जा नहीं हो सकता। उनका आरोप है कि अध्यक्ष ने कार्यालय का सरकारी ताला हटाकर निजी ताला लगा दिया था, जिसके बाद उन्होंने भी कार्यालय पर एक अतिरिक्त ताला लगा दिया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के साथ उपाध्यक्ष की भी जिम्मेदारियां और अधिकार हैं। सरकारी कार्यालय को व्यक्तिगत या राजनीतिक विवाद का केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए। दो निजी तालों के कारण सरकारी कामकाज प्रभावित फिलहाल दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच बीस सूत्री कार्यालय में दो अलग-अलग निजी ताले लगे हुए हैं। कार्यालय बंद रहने के कारण यहां होने वाले सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। झंडोत्तोलन से शुरू हुआ विवाद अब स्थानीय स्तर पर भाजपा और जदयू नेताओं के बीच सियासी खींचतान का रूप लेता दिख रहा है। दोनों दलों से जुड़े बीस सूत्री सदस्यों के बीच भी मामले को लेकर चर्चा तेज है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के बीच विवाद का असर सरकारी कामकाज पर नहीं पड़ना चाहिए। मामले को लेकर बोचहां बीडीओ जूही कुमारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

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