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जालसाज बॉट से घुमा रहे रकम:अनजान से न लें खाते में पैसा, ये मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ सकता है लिंक, 150 लोग इसी लालच में जेल पहुंचे

जालसाज बॉट से घुमा रहे रकम:अनजान से न लें खाते में पैसा, ये मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ सकता है लिंक, 150 लोग इसी लालच में जेल पहुंचे

कोई अनजान व्यक्ति आपके बैंक खाते में पैसे मंगाकर उन्हें किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहे, तो तुरंत मना कर दीजिए। बदले में 10 हजार रुपए, 20% कमीशन का लालच मिले, तब भी नहीं। कोई परिचित यह कहे कि वो आपका उधार किसी तीसरे के खाते से लौटा रहा है, तब भी सावधान रहें। आपकी एक छोटी-सी भूल साइबर ठगी या मनी लॉन्ड्रिंग से आपका कनेक्शन जोड़ सकती है। पुलिस जांच शुरू होते ही सबसे पहले उसी खाते तक पहुंचती है, जिससे ठगी की रकम गुजरी होती है। दैनिक भास्कर ने स्टेट साइबर पुलिस की जांच, और टेलीग्राम एप पर मिले संदिग्ध बैंक स्टेटमेंट्स की पड़ताल की। इसमें सामने आया कि जालसाज अब ऑटोमेटेड बॉट सॉफ्टवेयर के जरिए कुछ ही सेकंड में रकम दर्जनों खातों में घुमा देते हैं। ये इतना तेज होता है कि एक दिन में सैकड़ों ट्रांजेक्शन गलत खातों के कारण बाउंस हो जाते हैं, बावजूद बैंक का फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम पकड़ नहीं पाता। चेतावनी.. कोई आपका उधार किसी तीसरे के खाते से लौटाने की बात करे तो मना करें सेकंडों में ट्रांजेक्शन, फिर भी अलर्ट नहीं: भास्कर को मिले बेंगलुरु की एक शेल कंपनी के आरबीएल बैंक खाते के 17 और 19 जून 2026 के स्टेटमेंट बताते हैं कि महज 17 सेकंड में 17 अलग-अलग खातों में पैसा ट्रांसफर किया गया। इस खाते से एक दिन में 1.10 करोड़ से अधिक का लेन-देन हुआ। Á रांची में सेंट्रल बैंक के एक खाते में 65 लाख रुपए आए और महज साढ़े तीन घंटे के भीतर पूरी रकम 24 खातों में ट्रांसफर कर दी गई। 150 गिरफ्तार हो चुके... मप्र पुलिस की 2025 और 2026 की कार्रवाई में देश के 13 राज्यों से 150 से अधिक आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें इंजीनियर, बायोटेक और लॉ ग्रेजुएट जैसे पढ़े-लिखे युवा भी शामिल हैं, जिन्होंने लालच में अपने खाते और कंपनियां गिरोह को उपलब्ध करा दीं। जांच डायरी में केरल के एक आरोपी के सामने दुबई में खाते का उपयोगकर्ता दर्ज है। इससे संकेत मिलता है कि भारतीय खातों का संचालन विदेश में बैठे गिरोह कर रहे हैं। कमीशन का लालच: पड़ताल में सामने आया कि टेलीग्राम पर जाली पैन, आधार, फुल-केवाईसी बैंक किट और सक्रिय बैंक खाते बेचे जा रहे हैं। गिरोह पीएनबी, आरबीएल, कोटक, एयू और यस बैंक में कॉर्पोरेट करंट खाते खुलवाने पर 20% तक कमीशन का लालच देता है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में पैसा लेना, उसे दूसरे खाते में भेजना या किसी तीसरे व्यक्ति के खाते से पैसा स्वीकार करना भी आपको जांच के दायरे में ला सकता है। पुलिस पूरी ट्रांजेक्शन चेन के खातों को सीज करती है। -हेमराज सिंह चौहान , साइबर एक्सपर्ट जालसाज आम लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम पर कॉर्पोरेट बैंक खाते खुलवाते हैं और उन्हें किराये पर देकर मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला व साइबर ठगी का पैसा घुमाते हैं। टेलीग्राम पर चल रही ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीम बनाई गई है। जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े सभी संदिग्ध बैंक खातों को तुरंत सीज किया जाता है। -प्रणय नागवंशी, स्टेट साइबर एसपी

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