पूर्व क्रिकेटर राजेश चौहान पर कोर्ट की सख्ती, 17.52 लाख के मामले में FIR दर्ज करने के आदेश

दुर्ग। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी राजेश चौहान एक बड़े कानूनी विवाद में घिर गए हैं और उन पर गंभीर धोखाधड़ी (फ्रॉड) करने का आरोप लगा है। आरोप है...
पूर्व क्रिकेटर राजेश चौहान पर कोर्ट की सख्ती, 17.52 लाख के मामले में FIR दर्ज करने के आदेश दुर्ग। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी राजेश चौहान एक बड़े कानूनी विवाद में घिर गए हैं और उन पर गंभीर धोखाधड़ी (फ्रॉड) करने का आरोप लगा है। आरोप है कि पूर्व क्रिकेटर राजेश चौहान ने सुप्रसिद्ध जिंदल इस्पात लिमिटेड में ट्रांसपोर्टेशन का बड़ा काम और ठेका दिलाने का झांसा देकर एक स्थानीय ठेकेदार से लगभग 17.52 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम ठग ली। इस संगीन मामले का संज्ञान लेते हुए स्थानीय अदालत ने पुलिस को पूर्व क्रिकेटर के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की गहराई से जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं। झांसा देकर दिखाए गए थे फर्जी दस्तावेज, नवीन जिंदल से नजदीकी का दावा किया इस पूरे मामले के पीड़ित ठेकेदार दिनकर विश्वमित्र ने अपनी शिकायत में बताया कि राजेश चौहान ने खुद को पूर्व भारतीय क्रिकेटर के रूप में पेश किया और यह दावा किया कि उनके जाने-माने उद्योगपति नवीन जिंदल के साथ बेहद करीबी संबंध हैं। पीड़ित को यह भरोसा दिलाने के लिए कि सौदा पक्का है, आरोपी ने जिंदल इस्पात से जुड़ा एक कथित फर्जी वर्क ऑर्डर भी दिखाया और ट्रांसपोर्ट के काम में पार्टनरशिप (साझेदारी) का आकर्षक प्रस्ताव दिया। लेकिन जब पीड़ित ने अपने स्तर पर तहकीकात की, तो यह बात सामने आई कि पूर्व क्रिकेटर द्वारा दिखाए गए तमाम दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत थे। पुलिस से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा पीड़ित दिनकर विश्वमित्र के अनुसार, इस धोखाधड़ी का अहसास होने के बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस थाने में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस की तरफ से मामले में किसी भी प्रकार की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जब थाने से उन्हें कोई न्याय नहीं मिला, तो थक-हारकर पीड़ित ने न्याय की आस में अदालत (कोर्ट) का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मोहन नगर थाने की पुलिस को तत्काल प्रभाव से केस दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया है। कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी मुलाकात, क्योंझर स्थित जिंदल प्लांट के नाम पर की ठगी कोर्ट में दिए गए बयानों के मुताबिक, पीड़ित दिनकर विश्वमित्र की मुलाकात आरोपी राजेश चौहान से एक आपसी दोस्त सरोज कुमार के माध्यम से हुई थी। बातचीत के दौरान पूर्व क्रिकेटर ने यह झांसा दिया था कि उनकी 'गोविंद ट्रांसपोर्ट कंपनी' को ओडिशा के क्योंझर स्थित जिंदल इस्पात लिमिटेड में आयरन ओर (लोह अयस्क) और अन्य निर्माण सामग्री के परिवहन का बड़ा ठेका मिला हुआ है। आरोपी ने पीड़ित से कहा था कि यदि वह अपने ट्रकों को इस काम में लगाकर इसमें साझेदार (पार्टनर) बनता है, तो उसे बहुत तगड़ा मुनाफा होगा। जानकारी के लिए बता दें कि पूर्व में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए क्रिकेट खेलने वाले राजेश चौहान वर्तमान समय में एक व्यवसायी के रूप में सक्रिय हैं और क्रिकेट अकादमी का संचालन करते हैं।
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