बदायूं पुलिस पर बड़ा सवाल- गाजियाबाद के 20 हजार के इनामी हत्यारोपी को फर्जी नाम से भेजा जेल, असली पहचान छिपाई

बदायूं पुलिस पर बड़ा सवाल- गाजियाबाद के 20 हजार के इनामी हत्यारोपी को फर्जी नाम से भेजा जेल, असली पहचान छिपाई। आर्म्स एक्ट के मुकदमे में दिखाकर सोनू को सोहनपाल बनाकर पेश किया, मामले की जांच शुरू। बदांयू 29 जुलाई। गाजियाबाद में हत्या के मामले में फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी आरोपी ...
बदायूं पुलिस पर बड़ा सवाल- गाजियाबाद के 20 हजार के इनामी हत्यारोपी को फर्जी नाम से भेजा जेल, असली पहचान छिपाई। आर्म्स एक्ट के मुकदमे में दिखाकर सोनू को सोहनपाल बनाकर पेश किया, मामले की जांच शुरू। बदांयू 29 जुलाई। गाजियाबाद में हत्या के मामले में फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी आरोपी को बदायूं पुलिस ने दूसरे नाम और पते से जेल भेजकर उसकी असली पहचान छिपा दी। आरोप है कि आरोपी को बचाने के लिए उसे आर्म्स एक्ट के मुकदमे में गिरफ्तार दिखाया गया। मामला बुधवार को उजागर होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच शुरू करा दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 23 जुलाई को बिनावर थाने में तैनात एसएसआई दो सिपाहियों ने एक युवक को तमंचा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। एफआईआर में उसका नाम सोहनपाल उर्फ सूजल, निवासी शिव विहार, करावल नगर (दिल्ली) दर्ज किया गया। उसे कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया गया। लेकिन बाद में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी सोहनपाल नहीं, बल्कि गाजियाबाद के लोनी निवासी सोनू है। सोनू पर 12 जुलाई को गाजियाबाद की रीतराम कॉलोनी निवासी विपिन की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। वारदात के बाद से वह फरार था और गाजियाबाद पुलिस ने उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उसकी तलाश में एसओजी भी लगातार अभियान चला रही थी। सूत्रों के मुताबिक फरार आरोपी बदायूं में एक प्रभावशाली व्यक्ति के संरक्षण में छिपा हुआ था। आरोप है कि उसे बचाने के लिए कई स्तरों पर कोशिश की गई और अंततः बिनावर थाने में उसकी पहचान बदलकर आर्म्स एक्ट के मामले में जेल भेज दिया गया, ताकि हत्या के मुकदमे में उसकी गिरफ्तारी न हो सके। मामला उजागर होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गाजियाबाद पुलिस भी अब आरोपी को अपने यहां ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया में जुटी है।
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