नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन का स्थगन प्रस्ताव

नई दिल्ली: कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने राज्यसभा महासचिव को नीट पेपर लीक मामले को लेकर स्थगन प्रस्ताव के लिए पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा, "मैं काउंसिल ऑफ स्टेट्स (राज्यसभा) की...
नई दिल्ली: कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने राज्यसभा महासचिव को नीट पेपर लीक मामले को लेकर स्थगन प्रस्ताव के लिए पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा, "मैं काउंसिल ऑफ स्टेट्स (राज्यसभा) की कार्य-प्रक्रिया और कामकाज के नियमों के नियम 267 के तहत 21 जुलाई के लिए निर्धारित कामकाज को स्थगित करने के लिए प्रस्ताव पेश करने के अपने इरादे की सूचना दे रहा हूं।"नासिर हुसैन ने पत्र में लिखा, "यह सदन भारत की परीक्षा प्रणाली में आए व्यवस्थित संकट पर तत्काल चर्चा के लिए 'जीरो आवर' (शून्य काल) और 'क्वेश्चन आवर' (प्रश्न काल) तथा दिन के अन्य कामकाज से संबंधित नियमों को स्थगित करे। सदन नीट यूजी 2026 को रद्द करने (जिससे 22 लाख से अधिक उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं), सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लागू करने में व्यापक अनियमितताओं, भर्ती परीक्षाओं में बार-बार होने वाली विफलताओं और इसके परिणामस्वरूप परीक्षाओं की निष्पक्षता में जनता का भरोसा कम होने जैसे मुद्दों पर चर्चा कर सकता है।"पत्र में उन्होंने लिखा,"इन घटनाओं के कारण देशभर के छात्रों को भारी कठिनाई और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा है और जवाबदेही तथा व्यापक परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन गंभीर चिंताओं को देखते हुए, इस मामले पर सदन द्वारा तत्काल विचार और चर्चा की आवश्यकता है।"बता दें कि बीते दिन सोमवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों व दिल्ली पुलिस सहित अन्य सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प की निंदा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में हो रहे गंभीर मुद्दों को लेकर जायज सवाल उठाने वाले छात्रों को जवाब में केवल लाठियां और हिरासत मिली।राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी एक वीडियो संदेश में तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को भारत के इतिहास का सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री बताया। राहुल गांधी ने कहा, “इतने युवा-विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।" उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं का आंकड़ा देते हुए कहा कि देश में अब तक 152 पेपर लीक हो चुके हैं, जिनसे करीब 7.5 करोड़ छात्र-छात्राएं प्रभावित हुए हैं। इसके बावजूद किसी दोषी को सजा नहीं मिली। उल्टा मेहनती युवाओं को सजा दी जा रही है।
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