21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद Sonam Wangchuk अस्पताल में भर्ती, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस

जंतर-मंतर पर लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई। वांगचुक के अनशन का आज 21वां दिन था, और लगातार उपवास के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति काफी गंभीर बनी हुई थी। दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह कदम वांगचुक की लगातार गिरती सेहत को देखते हुए उठाया गया है। पुलिस ने कहा, "उच्च न्यायालय के आदेशों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह के अनुरूप सोनम वांगचुक को आवश्यक चिकित्सीय देखभाल के लिए अस्पताल ले जाया गया है।" इसे भी पढ़ें: Smartphone Prices में भारी उछाल से Budget Phone बाजार पस्त, चीनी कंपनियों की Market Share 2020 के निचले स्तर पर पुलिस ने कहा, ‘‘ उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए जब उन्हें अस्पताल ले जाने की कार्रवाई की जा रही थी, तब प्रदर्शनकारियों ने इसका विरोध करते हुए बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया, जिससे कुछ देर के लिए थोड़ी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, पुलिस ने अत्यधिक संयम बरतते हुए पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न करायी।’’ दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से भी आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा, ‘‘हम जंतर-मंतर पर धरना दे रहे सभी प्रदर्शनकारियों से आग्रह करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्ण ढंग से धरनास्थल खाली करें। इसे भी पढ़ें: Nvidia को पछाड़ फिर No. 1 बनी Apple, $4.9 Trillion Market Value के साथ दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बता दें कि सोनम वांगचुक और उनके समर्थक लद्दाख को राज्य का दर्जा देने, इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और पर्यावरण सुरक्षा की मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं। फिलहाल, अस्पताल में डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है।
जंतर-मंतर पर लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई। वांगचुक के अनशन का आज 21वां दिन था, और लगातार उपवास के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति काफी गंभीर बनी हुई थी। दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह कदम वांगचुक की लगातार गिरती सेहत को देखते हुए उठाया गया है। पुलिस ने कहा, 'उच्च न्यायालय के आदेशों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह के अनुरूप सोनम वांगचुक को आवश्यक चिकित्सीय देखभाल के लिए अस्पताल ले जाया गया है।' पुलिस ने कहा, ‘‘ उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए जब उन्हें अस्पताल ले जाने की कार्रवाई की जा रही थी, तब प्रदर्शनकारियों ने इसका विरोध करते हुए बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया, जिससे कुछ देर के लिए थोड़ी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, पुलिस ने अत्यधिक संयम बरतते हुए पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न करायी।’’ दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से भी आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा, ‘‘हम जंतर-मंतर पर धरना दे रहे सभी प्रदर्शनकारियों से आग्रह करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्ण ढंग से धरनास्थल खाली करें। बता दें कि सोनम वांगचुक और उनके समर्थक लद्दाख को राज्य का दर्जा देने, इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और पर्यावरण सुरक्षा की मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं। फिलहाल, अस्पताल में डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है।
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