“25 साल बाद डॉक्टर से मिली मरीज, बोली – आज सामान्य जीवन जी रही हूं, आपका आभार”

इंदौर। चिकित्सा का असली उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति को सामान्य और आत्मनिर्भर जीवन लौटाना भी है। इसी का भावुक उदाहरण हाल ही में सामने आया, जब जन्मजात क्लबफुट (टेलीप्स इक्वाइनो वेरस) से पीड़ित रही रश्मि (बदला हुआ नाम) लगभग 25 वर्ष बाद अपने परिवार और बच्चे के साथ डॉ. प्रमोद पी. नीमा से मिलने पहुंचीं। बचपन में हुई सर्जरी के कारण आज वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और सहज... The post “25 साल बाद डॉक्टर से मिली मरीज, बोली – आज सामान्य जीवन जी रही हूं, आपका आभार” appeared first on Indore Mirror .
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