रूपी सोरेन का आज नेमरा में संस्कार भोज:5 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान, 56 पुलिस अधिकारी और 2300 जवान संभालेंगे सुरक्षा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को अपने पैतृक गांव नेमरा में मां रूपी सोरेन के दशकर्म की रस्में निभाईं। इस दौरान वे मां को याद कर भावुक हो गए। आज नेमरा में संस्कार भोज का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन में 5 लाख से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान है। लोगों की सुविधा के लिए चार पंडाल तैयार किए गए हैं। इनमें तीन पंडाल आम लोगों के लिए बनाए गए हैं। वहीं, एक पंडाल वीआईपी मेहमानों के लिए तैयार किया गया है। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री के पैतृक गांव में होने वाले इस आयोजन के लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। 14 आईपीएस, 42 डीएसपी और 2300 जवान संभालेंगे सुरक्षा संस्कार भोज में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए नेमरा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गोला के डीवीसी चौक से नेमरा तक करीब 30 किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। सुरक्षा की जिम्मेदारी 14 आईपीएस अधिकारियों, 42 डीएसपी और 2300 जवानों को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी मेहमानों की आवाजाही को ध्यान में रखकर भी व्यवस्था की गई है। घर के पास एक हेलीपैड बनाया गया है। दूसरा हेलीपैड नेमरा जाने वाली सड़क के पास तैयार किया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आम लोगों को आने-जाने में परेशानी नहीं हो और वीआईपी मूवमेंट के समय भी यातायात सुचारू बना रहे। नेमरा पहुंचाने के लिए 340 ऑटो भीड़ नियंत्रण के लिए लुकैया में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। बड़ी गाड़ियों को यहीं रोकने की योजना है। यहां से लोगों को नेमरा तक पहुंचाने के लिए 340 ऑटो की व्यवस्था की गई है। इससे लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में सहूलियत होगी। रामगढ़ जिला पुलिस ने यातायात और पार्किंग व्यवस्था का रूट मैप भी जारी किया है। इसके साथ क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नेमरा के लिए निकलने से पहले क्यूआर कोड स्कैन कर लें। इससे निर्धारित रूट और पार्किंग स्थल की जानकारी मिल सकेगी। प्रशासन का उद्देश्य भीड़ को व्यवस्थित रखना और सड़कों पर जाम की स्थिति से बचना है। चांडिल से पहुंचाया गया खस्सी और हड़िया संस्कार भोज की तैयारियों में पारंपरिक रीति-रिवाजों का भी ध्यान रखा गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ननिहाल चांडिल से खस्सी और हड़िया पहुंचाया गया है। आदिवासी परंपरा के अनुसार हड़िया तपावन के रूप में चढ़ाया जाता है। वहीं, खस्सी विशेष रूप से खिलाया जाता है। रविवार को होने वाले संस्कार भोज में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसी को देखते हुए आयोजन स्थल पर पंडाल, पार्किंग, परिवहन और सुरक्षा से जुड़े इंतजाम पूरे किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें व्यवस्था संभालेंगी। लोगों से निर्धारित मार्ग का पालन करने और पुलिस के निर्देशों का सहयोग करने की अपील की गई है।
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