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मंगलुरु में नाव पलटी, 6 मछुआरों की बची जान

मंगलुरु में नाव पलटी, 6 मछुआरों की बची जान

मंगलुरु: कर्नाटक के मंगलुरु जिले के बाहरी इलाके सूरतकल में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। NITK बीच के पास समुद्र में तेज लहरों की चपेट में आने से मछली पकड़ने वाली एक नाव पलट गई। नाव पर...

मंगलुरु: कर्नाटक के मंगलुरु जिले के बाहरी इलाके सूरतकल में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। NITK बीच के पास समुद्र में तेज लहरों की चपेट में आने से मछली पकड़ने वाली एक नाव पलट गई। नाव पर सवार छह मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया।पुलिस सूत्रों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब नाव समुद्र में मछली पकड़ने के काम में लगी हुई थी। अचानक मौसम खराब होने और समुद्र में तेज लहरें उठने के कारण नाव अपना संतुलन खो बैठी और पलट गई।आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे सभी मछुआरेजानकारी के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई नाव उडुपी जिले के माल्पे फिशिंग पोर्ट से रवाना हुई थी। नाव पर आंध्र प्रदेश के छह मछुआरे सवार थे।मछुआरे नियमित रूप से समुद्र में मछली पकड़ने के लिए निकले थे। इसी दौरान NITK बीच के पास समुद्र में तेज हलचल के कारण नाव लहरों की चपेट में आ गई और पलट गई।तूफानी लहरों के कारण हुआ हादसापुलिस के मुताबिक, नाव जब NITK बीच के नजदीक पहुंची, उसी समय समुद्र में तेज हवाओं और ऊंची लहरों का असर बढ़ गया। लहरों की जोरदार टक्कर से नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह समुद्र में पलट गई।हादसे के बाद मछुआरे समुद्र में फंस गए, लेकिन समय रहते राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया, जिससे सभी छह लोगों की जान बचाई जा सकी।मछुआरों को सुरक्षित निकाला गयाघटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और संबंधित टीमों ने मदद के लिए प्रयास शुरू किए। बचाव अभियान के दौरान सभी छह मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।बताया गया कि सभी मछुआरे सुरक्षित हैं और किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है। हादसे के बाद मछुआरों की स्थिति की जांच भी की गई।समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए चेतावनीसमुद्र में मौसम की स्थिति अचानक बदलने के कारण मछुआरों को अक्सर जोखिम का सामना करना पड़ता है। तेज हवाएं और ऊंची लहरें छोटी नावों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं।प्रशासन की ओर से समय-समय पर मछुआरों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और समुद्र में जाने से पहले हालात की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।तटीय क्षेत्रों में मौसम पर नजरकर्नाटक के तटीय इलाकों में मानसून के दौरान समुद्र में हलचल बढ़ जाती है। ऐसे समय में मछली पकड़ने वाली नावों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होता है।सूरतकल और आसपास के तटीय क्षेत्रों में भी मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवालइस घटना के बाद समुद्र में मछली पकड़ने जाने वाले मछुआरों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समुद्र में जाने वाली नावों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और मौसम की जानकारी बेहद जरूरी है।विशेषज्ञों के अनुसार, लाइफ जैकेट, संचार उपकरण और मौसम की सही जानकारी जैसे उपाय समुद्र में होने वाले हादसों के दौरान जान बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।बड़ा हादसा टलागनीमत रही कि इस घटना में सभी छह मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया। यदि समय पर राहत नहीं पहुंचती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।कुल मिलाकर, मंगलुरु के सूरतकल में समुद्र की तेज लहरों से नाव पलटने की घटना ने एक बार फिर समुद्री सुरक्षा के महत्व को सामने ला दिया है। हालांकि सभी मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन इस तरह की घटनाएं समुद्र में जाने से पहले सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित करती हैं।

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