अनशन तोड़ने को तैयार सोनम वांगचुक ने रखी 'नई शर्त', बोले- 65 सांसद कर चुके हैं अपील

सोनम वांगचुक ने नीट पेपर लीक के खिलाफ अपना अनशन समाप्त करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखकर एक नई शर्त रखी है अन्यथा अनशन जारी रखने की बात कही है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नीट परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ अनशन पर बैठे सामाजिक एवं जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को बुधवार को पत्र लिखकर उनके अस्पताल पहुंचने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही, अनशन समाप्त करने के लिए एक नई शर्त रखी है। पत्र में अपनी पुरानी शर्तों की दिलाई याद बुधवार को जारी किए गए पत्र में वागचुक ने मंत्रियों को मेदांता अस्पताल में आने और अनशन तोड़ने की अपील करने के लिए धन्यवाद कहा। उन्होंने बैठक के दौरान दिए गए आश्वासनों की याद दिलाते हुए पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा और संसद में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर चर्चा व केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की बात कही है। 65 सांसदों ने अनशन तोड़ने की अपील की वांगचुक ने 20 जुलाई को हुए 'चलो संसद' मार्च की शांतिपूर्ण प्रकृति की सराहना की, भले ही पुलिस द्वारा 'अत्याचार और खेद जताने वाला बल प्रयोग' किया गया हो। उन्होंने लिखा, 'मैं आशा करता हूं कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में इस विश्वास को आगे कानूनी मामलों, उत्पीड़न या भाग लेने वालों के खिलाफ बदले की कार्रवाई से कमजोर नहीं किया जाएगा।' वांगचुक ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उनसे संपर्क किया है और अनशन समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वे जीना चाहते हैं और अपने छात्रों, शिक्षा तथा राष्ट्र सेवा के कार्य में वापस लौटना चाहते हैं, लेकिन प्रभावित युवाओं की कीमत पर नहीं। अनशन समाप्त करने की शर्त सोनम वांगचुक के पत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी दंडात्मक या प्रतिशोधी कानूनी कार्रवाई न करने का स्पष्ट आश्वासन मांगना है। उन्होंने लिखा, 'यदि ऐसा आश्वासन दिया जाता है, तो मैं पूर्ण विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर दूंगा कि सरकार ने न केवल मेरी अपील सुनी है बल्कि लाखों युवा भारतीयों की आकांक्षाओं को भी सुना है। यदि यह आश्वासन नहीं मिलता, तो मुझे अनशन को अनिश्चितकाल तक जारी रखना पड़ेगा।' उन्होंने सरकार से आंदोलन को दबाने के लिए अत्यधिक पुलिस बल का और प्रयोग न करने की भी अपील की। पत्र के अंत में लोकतांत्रिक मूल्यों की चर्चा वांगचुक ने पत्र के अंत में लोकतंत्र और युवाओं के अधिकार पर जोर देते हुए कहा, 'हमारे लोकतंत्र का भविष्य इस पर निर्भर नहीं करता कि वह उन लोगों के साथ कैसा व्यवहार करता है जो उससे सहमत हैं, बल्कि इस पर निर्भर करता है कि वह अपने युवा नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है जब वे साहस, आशा और आस्था के साथ बोलने का साहस करते हैं।' पेपर लीक घोटाले से उपजे संकट के बीच छात्रों, विपक्षी दलों और अब सत्ताधारी गठबंधन के कुछ सांसदों की ओर से सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। सरकार की ओर से वांगचुक की नई मांगों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले घंटों में यह तय होगा कि सोनम वांगचुक अपना अनशन समाप्त करते हैं या जारी रखते हैं। यह भी पढ़ें- सोनम वांगचुक की तबीयत पर मेदांता का बड़ा अपडेट, ICU से सामने आई हेल्थ रिपोर्ट; जानें मौजूदा स्थिति यह भी पढ़ें- सोनम वांगचुक मामले में हाई कोर्ट का फैसला, जंतर-मंतर से हटाने को अवैध घोषित करने से इनकार यह भी पढ़ें- सोनम वांगचुक से मिलने अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना
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