कच्चा तेल $91 के पार, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया की 20 प्रतिशत ईंधन की सप्लाई पहले से ही बाधित है। ऐसे में काला सागर में भी रुकावटें बढ़ीं तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें फिर 100 डॉलर के पार होंगी और दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर और हमलों की धमकी ने कच्चे तेल कीमतों लगी आग को फिर से भड़का दिया है। इससे तेल की कीमतें 91 डॉलर के पार चली गई हैं। अब हूती के आने से ग्लोबल सप्लाई पर खतरे के बादल मध्य पूर्व से बाहर निकलकर काला सागर तक फैल गए हैं। बता दें होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया की 20 प्रतिशत ईंधन की सप्लाई पहले से ही बाधित है। ऐसे में काला सागर में भी रुकावटें बढ़ीं तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें फिर 100 डॉलर के पार होंगी और दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे।ब्लूमबर्ग के मुताबिक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड का भाव 85 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ गया और यह लगातार चौथे सत्र में चढ़ा। जबकि ब्रेंट क्रूड मंगलवार को 91 डॉलर प्रति बैरल के करीब बंद हुआ।ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान समर्थित यमनी हूती विद्रोही लाल सागर में शिपिंग में बाधा डालते हैं तो वे जवाब देंगे। साथ ही, उन्होंने पिकैक्स माउंटेन पर जल्द हमला करने की अपनी धमकी दोहराई।मध्य पूर्व और काला सागर में बढ़ते खतरेइस महीने तेल के भाव में उछाल के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में बढ़ी हुई दुश्मनी है। हाल के दिनों में होर्मुज स्ट्रेट के पास ओमान के तट पर तीन टैंकरों पर हमले हुए हैं। इसके अलावा, काला सागर तट पर रूस के कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम टर्मिनल पर भी कई हमले हुए हैं, जहां से कजाकिस्तान का अधिकांश कच्चा तेल भेजा जाता है।बातचीत से साफ इनकारमंगलवार को ट्रंप ने कहा कि ईरान बेताबी से मिलना चाहता है, लेकिन अमेरिका की इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। वहीं, तेहरान ने बातचीत की कोशिशों से इनकार किया है। तेल के दाम लगातार तनाव बढ़ने या कम होने की खबरों के साथ उतार-चढ़ाव कर रहे हैं।अमेरिका में पेट्रोल की कीमत बढ़ीकच्चे तेल की कीमतों में उबाल आने के बाद अमेरिका में पेट्रोल की औसत खुदरा कीमत फिर बढ़कर 4 डॉलर प्रति गैलन पर पहुंच गई। नियमित श्रेणी के पेट्रोल की राष्ट्रीय औसत कीमत अब चार डॉलर प्रति गैलन हो गई है। एक साल पहले यह औसतन 3.14 डॉलर प्रति गैलन थी। मार्च के अंत में अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत पहली बार चार डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंची थी। जून के मध्य में यह इससे नीचे आ गई थी और अमेरिका-ईरान के बीच अंतरिम समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से इसमें और गिरावट दर्ज की गई।
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