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Agra News: बारिश में गड्ढों में समा गईं 200 करोड़ की सड़कें

Agra News: बारिश में गड्ढों में समा गईं 200 करोड़ की सड़कें

आगरा। मानसून की बारिश में शहर में 200 करोड़ रुपये से बनी सड़कें गड्ढों में समा गईं। गिट्टियां उखड़ने के साथ नई बनीं सड़कों पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। इनमें से ज्यादातर सड़कें नगर निगम, एडीए और लोक निर्माण विभाग की हैं। जल निगम ने नगर निगम की इन सड़कों पर सीवर और पानी की लाइनें बिछाने के बाद निर्माण करने का दावा किया लेकिन सड़कें पहली बारिश ही नहीं झेल पाईं। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण बारिश का पानी भरने से दो किमी. लंबी कई सड़कें पूरी तरह से धंस गईं।बीते दो सालों में नगर निगम ने शहर में 167 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण कराया है। इस साल नगर निगम का सड़कों के निर्माण का 160 करोड़ रुपये का बजट है। 50 करोड़ रुपये मरम्मत के लिए रखे गए हैं। एक दिन की बारिश में पश्चिमपुरी, कमला नगर, शास्त्रीपुरम, शाहगंज, अलबतिया रोड, आवास विकास कॉलोनी, जगदीशपुरा, लोहामंडी, राजामंडी, गोकुलपुरा, दयालबाग, नगला बूढ़ी, ट्रांसयमुना काॅलोनी की सड़कों पर गहरे गड्ढे हो गए। पश्चिमपुरी निवासी महेंद्र सिंह ने बताया कि जोनल पार्क से देवीराम फूड सर्किल के बीच दो किमी. लंबी सड़क पर सीवर और पानी की पाइपलाइन डाली गई थी। मई में ही इसका निर्माण कराया गया, लेकिन जुलाई में एक दिन की बारिश में पूरी दो किमी. लंबी सड़क गड्ढों के कारण चलने लायक नहीं बची। फतेहाबाद रोड और माल रोड के साथ एमजी रोड पर मेट्रो निर्माण के कारण पहले ही सड़कें गड्ढों के कारण खराब हो चुकी हैं। --- जल निगम और अन्य विभागों ने नगर निगम की जिन सड़कों को खोदकर बनाया है, उनमें शिकायतें आई हैं। सड़कों की मरम्मत गुणवत्ता और पूरे मानकों के साथ करानी होगी। जल निगम को पत्र भेजकर खामियां दूर करने को कहा जाएगा।- संतोष कुमार वैश्य, नगर आयुक्तसीवर लाइन लीकेज होने से धंस रहीं सड़केंशहर में सीवर नेटवर्क में बरती गई लापरवाही और घोटाले के कारण सड़कें ज्यादा खराब हुई हैं। आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 4 स्थित सड़क 37 बार धंस चुकी है तो दयालबाग 100 फुटा रोड तीन साल में 28 बार धंस चुकी है। यही हाल कमला नगर का है, जहां 15 दिन में तीन जगह सड़क धंस गई। इन तीनों ही जगह पर सीवर लाइन बिछाई गई थी, जो घटिया गुणवत्ता के काम के कारण लीक हो गई। मैनहोल और सीवर लाइन दोनों ही लीक होने से 100 फीट चौड़े और 18 फीट गहरे गड्ढे तक यहां हो चुके हैं। इससे सड़कें पूरी तरह से खराब हो चुकी हैं। कवर टूटने से जानलेवा हुए मैनहोल नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने दावा किया था कि नाले के ऊपर रखे स्लैब, नालों के टूटे होने के मामलों में दो दिन के अंदर कार्रवाई कराई जाएगी, लेकिन पश्चिमपुरी चौराहे पर नाले की सफाई के लिए तोड़ी गई पुलिया पर प्री-कास्ट स्लैब रखे गए। यह 15 दिन पहले टूट गए, जिसमें सरिया तक बाहर निकल आईं। नगर निगम ने चौराहे के बीचोंबीच स्लैब न होेने से जानलेवा हुए गड्ढे को ढका नहीं है। इसी तरह के मामले में शंकरगढ़ पुलिया पर 9 जनवरी को एक्टिवा सवार प्रकाश नगर निवासी राजेश कुमार की खुले पड़े मैनहोल में गिर जाने से मृत्यु हो गई थी।

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