गोरखपुर AIIMS पर उठे सवाल, बहन ने सुनाई पीड़ा

गोरखपुर। गोरखपुर एम्स में एक मरीज को कथित तौर पर समय पर इलाज नहीं मिलने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक युवती अपने भाई को इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए अस्पताल की...
गोरखपुर। गोरखपुर एम्स में एक मरीज को कथित तौर पर समय पर इलाज नहीं मिलने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक युवती अपने भाई को इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि, एम्स प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है और कहा है कि मरीज को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा किया गया है, जिसमें युवती दावा कर रही है कि उसके भाई को एम्स में करीब नौ घंटे तक इलाज नहीं मिला। वीडियो में वह अस्पताल की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए मदद की अपील करती दिखाई दे रही है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।मामले पर एम्स प्रशासन ने सफाई देते हुए बताया कि मरीज को अस्पताल पहुंचने के तुरंत बाद डॉक्टरों ने देखा था। प्रशासन के अनुसार, दुर्घटना में घायल दो युवक बुधवार रात करीब एक बजे एम्स पहुंचे थे। इनमें 23 वर्षीय सिद्धार्थ के सिर में चोट लगी थी, जबकि 25 वर्षीय अंकित के पैर में गंभीर चोट थी।एम्स प्रशासन के मुताबिक, दोनों मरीजों की जांच शुरू की गई और जनरल सर्जरी की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। मरीजों की स्थिति को स्थिर किया गया और आवश्यक जांच कराई गई। अंकित के पैर की चोट का ऑपरेशन तुरंत कर दिया गया, जबकि सिद्धार्थ के सिर में चोट होने के कारण उसे न्यूरोसर्जरी विभाग की जरूरत थी।एम्स प्रशासन ने बताया कि न्यूरोसर्जरी वार्ड में उस समय बेड उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण सिद्धार्थ को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर किया गया। प्रशासन का कहना है कि मरीज को इलाज से वंचित नहीं किया गया था, बल्कि उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार उसे प्राथमिक उपचार देकर आगे की चिकित्सा व्यवस्था के लिए रेफर किया गया।एम्स की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि रात के समय मरीजों को नहीं देखने या शाम के बाद न्यूरोसर्जरी के मरीजों का इलाज बंद होने जैसी बातें गलत हैं। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि हर मरीज को डॉक्टरों द्वारा देखा जाता है और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जाता है।एम्स के मीडिया प्रभारी डॉ. अरूप मोहंती ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही कुछ बातें गलत जानकारी पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों की जांच और इलाज की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार की जाती है। किसी भी मरीज को बिना कारण वापस नहीं भेजा जाता।वहीं, वायरल वीडियो के बाद लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं। कई लोगों का कहना है कि गंभीर मरीजों के लिए तत्काल इलाज और पर्याप्त व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। दूसरी ओर, एम्स प्रशासन का कहना है कि अस्पताल की ओर से पूरी संवेदनशीलता के साथ मरीज का इलाज किया गया।मामले में फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी और वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों में अंतर सामने आया है। अब इस पूरे मामले में वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित पक्षों के तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो पाएगी।गोरखपुर एम्स प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। अस्पताल ने भरोसा दिलाया है कि मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।#WATCH: PM, CM, MP, MLAs & Mayor All From BJP, Yet Influencer's Viral AIIMS Gorakhpur Video Raises Serious Questions Over HealthcareGorakhpur-based influencer Shweta Rai shared an emotional video after her brother met with a road accident.She alleged that her brother waited... pic.twitter.com/o7ULKFThTG— Bishwajeet Maurya (@bishwamaurya_) July 16, 2026
This is a summary. Read the full article at the original source.
Read full article at jantaserishta
