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Bareilly News: मंडी परिसर में ही निपटाना होगा गीला-सूखा कचरा, नोटिस जारी

Bareilly News: मंडी परिसर में ही निपटाना होगा गीला-सूखा कचरा, नोटिस जारी

मंडी परिसर में ही निपटाना होगा गीला-सूखा कचरा, नोटिस जारी

बरेली। शहर की फल एवं सब्जी मंडी में अब कचरा बाहर फेंकने की व्यवस्था समाप्त होगी। नगर निगम ने मंडी से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन हेतु सख्त रुख अपनाया है। मंडी परिषद को नोटिस जारी कर परिसर में ही गीले और सूखे कचरे का निस्तारण अनिवार्य किया गया है।नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि फल और सब्जी मंडी से रोज बड़ी मात्रा में जैविक अवशेष उत्पन्न होते हैं। इनके उचित निस्तारण न होने से तीखी दुर्गंध, गंदगी और स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती हैं। इस स्थिति को रोकने के लिए कचरे का प्रबंधन उसके स्रोत पर ही सुनिश्चित होगा। निगम के नोटिस में सुप्रीम कोर्ट, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तथा केंद्र व राज्य सरकार के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन दिशा-निर्देशों का हवाला है। इनके तहत बड़े संस्थानों के लिए कचरे का पृथक्करण और निस्तारण अनिवार्य है। नगर निगम ने मंडी परिषद को जैविक कचरे से खाद बनाने हेतु परिसर में ही खाद संयंत्र लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे कचरे का प्रभावी निस्तारण होगा और तैयार जैविक खाद का व्यावसायिक उपयोग भी संभव होगा। मंडी से निकलने वाले कचरे को अब बाहर नहीं फेंका जा सकेगा। गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण और निस्तारण मंडी परिसर के भीतर ही करना होगा। जैविक कचरे से खाद बनाने के लिए खाद संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण नियमों के अनुसार, अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों को गीले कचरे का निस्तारण परिसर के भीतर ही करना अनिवार्य है। एनजीटी और शासन के दिशानिर्देशों का मुख्य उद्देश्य कचरे के परिवहन पर निर्भरता घटाना है। इसका लक्ष्य जैविक कचरे को लैंडफिल साइटों पर जाने से रोकना है। साथ ही, इसे खाद या ऊर्जा में परिवर्तित करना भी इन दिशानिर्देशों का हिस्सा है।

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