Chhattisgarh: बिलासपुर में नगर निगम के AE अमर सिंह चौहान ने की आत्महत्या, कमरे से मिला दो पन्नों का सुसाइड नोट; ट्रांसफर और तनाव की एंगल पर जांच

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नगर निगम के असिस्टेंट इंजीनियर (AE) अमर सिंह चौहान (44) की संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, उन्होंने पहले चाकू से अपने बाएं हाथ की कलाई की नस काटकर जान देने की कोश
अन्य समाचार Municipal Corporation Assistant Engineer Amar Singh Chauhan commits suicide in Bilaspur; two-page suicide note found in his room; investigation underway focusing on transfer and stress. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नगर निगम के असिस्टेंट इंजीनियर (AE) अमर सिंह चौहान (44) की संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, उन्होंने पहले चाकू से अपने बाएं हाथ की कलाई की नस काटकर जान देने की कोशिश की। जब इसमें सफलता नहीं मिली तो उन्होंने बिजली के पीले रंग के तार का फंदा बनाकर पंखे के हुक से फांसी लगा ली। घटना के बाद पुलिस को कमरे से दो पन्नों का सुसाइड नोट और उनका मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस के अनुसार, मूल रूप से जगदलपुर के दंतेश्वरी वार्ड निवासी अमर सिंह चौहान बिलासपुर नगर निगम के जोन क्रमांक-4 में सब इंजीनियर (AE) के पद पर पदस्थ थे। वे महाराणा प्रताप चौक स्थित नगर निगम कॉलोनी के एक सरकारी आवास में अकेले रहते थे, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे जगदलपुर में ही रह रहे थे। 15 जुलाई की सुबह रोज की तरह सफाई कर्मचारी उनके घर पहुंचा, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज लगाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलने पर उसने अन्य कर्मचारियों और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे में अमर सिंह चौहान का शव पंखे से लटका मिला, जबकि नीचे एक टेबल गिरी हुई थी। उनके बाएं हाथ की कलाई पर चाकू से कटने के निशान भी मिले। पुलिस जांच में सामने आया है कि अमर सिंह चौहान करीब चार माह पहले जगदलपुर से तबादले पर बिलासपुर आए थे। हाल ही में उनका दोबारा जगदलपुर स्थानांतरण हुआ था। शुरुआती जानकारी के अनुसार वे ट्रांसफर को लेकर मानसिक तनाव में थे। हालांकि पुलिस ने अभी तक इसे आत्महत्या का अंतिम कारण नहीं माना है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। कमरे से बरामद दो पन्नों के सुसाइड नोट में अमर सिंह चौहान ने अपने ट्रांसफर से जुड़ी पीड़ा व्यक्त की है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने नोट में उन कुछ लोगों का उल्लेख किया है, जिन पर उन्हें जगदलपुर से बिलासपुर ट्रांसफर कराने का आरोप था। उन्होंने कुछ लोगों को अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार बताया है। हालांकि पुलिस ने जांच प्रभावित न हो इसलिए सुसाइड नोट की पूरी सामग्री सार्वजनिक नहीं की है। सुसाइड नोट में अमर सिंह चौहान ने अपनी पत्नी और बच्चों के लिए भावुक संदेश भी लिखा है। उन्होंने पत्नी से माफी मांगते हुए लिखा कि, "माही, मुझे माफ करना। मेरे बारे में जो भी बोले, उसकी बात मत सुनना।" साथ ही उन्होंने अपने मोबाइल फोन को सुरक्षित रखने का भी उल्लेख किया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने परिवार की चिंता भी व्यक्त की है। घटना के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को जगदलपुर लेकर रवाना हो गए। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन, सुसाइड नोट और अन्य दस्तावेज जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखे हैं। सिविल लाइन थाना पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस परिजनों, सहकर्मियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। कुछ पहलुओं की जांच आर्थिक अपराध से जुड़े संभावित एंगल को ध्यान में रखते हुए भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों पर स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।
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