CJP Protest: जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई में युवती गंभीर रूप से घायल; RML अस्पताल में वेंटिलेटर पर, हालत नाजुक

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़पों और पुलिस कार्रवाई में एक 20 वर्षीय युवती गंभीर रूप से घायल हो गई है। सिर पर गंभीर चोट और हाइपोक्सिक ब्रेन इंजरी के चलते उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया है.
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और शिक्षा सुधारों को लेकर निकाले गए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (Cockroach Janata Party) के 'संसद चलो' मार्च में हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है. संसद मार्ग और जंतर-मंतर के पास हुए भारी बवाल में घायल हुई एक लगभग 20 वर्षीय युवती की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है. चिकित्सकीय सूत्रों के अनुसार, युवती को सिर में गंभीर चोट (Severe Head Trauma) और हाइपोक्सिक ब्रेन इंजरी (Hypoxic Brain Injury) के चलते डॉ. राम मनोहर लोहिया (Dr. Ram Manohar Lohia) अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया है, जहाँ वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर जीवन-रक्षक प्रणाली पर है. यह भी पढ़ें: Delhi Jantar Mantar Protest: CJP की जंतर-मंतर रैली के दौरान भड़की हिंसा, पथराव और तोड़फोड़ के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज RML और लेडी हार्डिंग अस्पताल में 150 से अधिक घायल 20 जुलाई को हुए इस उग्र प्रदर्शन के बाद सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन स्थिति देखी गई। RML अस्पताल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (LHMC) में 150 से अधिक घायलों को इलाज के लिए लाया गया. अस्पताल के सूत्रों के अनुसार: गंभीर चोटें: RML अस्पताल में दर्ज मामलों में अधिकांश युवाओं को सिर पर लाठी लगने से गहरे घाव, टांके (Lacerations), चेहरे पर चोटें और आंसू गैस के संपर्क में आने से सांस लेने में तकलीफ की शिकायत दर्ज की गई. रेड जोन और आईसीयू: कई गंभीर मरीजों को तत्काल जांच (CT Scan/X-Ray) के बाद अस्पताल के 'रेड जोन' और आईसीयू (ICU) में स्थानांतरित किया गया. पुलिसकर्मी भी घायल: RML अस्पताल पहुंचे घायलों में आम प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ लगभग 40 पुलिसकर्मी भी शामिल थे. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प यह घटना उस समय हुई जब हजारों की संख्या में छात्र और CJP कार्यकर्ता सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़कर संसद भवन की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग (लाठीचार्ज) किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. CJP आयोजकों ने पुलिस प्रशासन पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं और महिलाओं पर अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है. वहीं दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए थे, उन्होंने पुलिस बलों पर पथराव किया और सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की, जिससे 118 से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. प्रशासनिक जांच और ताजा स्थिति घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने बलवा (Rioting), सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अस्पताल में भर्ती युवती और अन्य गंभीर रूप से घायल मरीजों की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी बनाए हुए है. जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है.
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