CWG 2026: सरवेश कुशारे ने रचा इतिहास, कॉमनवेल्थ गेम्स हाई जंप में भारत को मिला पहला सिल्वर

Sarvesh Kushare Silver: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सरवेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में 2.25 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता और इस इवेंट में सिल्वर जीतने वाले पहले भारतीय बने।
Sarvesh Kushare Won Silver Medal In High Jump: भारत के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी और भारतीय सेना में नायब सूबेदार सरवेश कुशारे ने इतिहास रचते हुए पुरुष हाई जंप स्पर्धा में रजत पदक जीत लिया। वो कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में इस इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। इससे पहले भारत के लिए इस स्पर्धा में सिर्फ तेजस्विन शंकर ने 2022 बर्मिंघम खेलों में कांस्य पदक जीता था। डेब्यू में रच दिया इतिहास 31 वर्षीय सरवेश कुशारे ने सोमवार देर रात 2.25 मीटर की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया। जमैका के रोमेन बेकफोर्ड ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंग्लैंड के जैक किमानी ने 2.20 मीटर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। भारत के एक अन्य खिलाड़ी आदर्श राम 2.15 मीटर की छलांग के साथ पांचवें स्थान पर रहे। Silver for Sarvesh! ������ Sarvesh Kushare clears 2.25m to clinch the Silver Medal in the Men's High Jump at Glasgow 2026.������ Watch the Commonwealth Games Glasgow 2026 LIVE & EXCLUSIVE on Sony Sports Network TV channels & Sony LIV.#SonySportsNetwork #SonyLIV #Glasgow2026... pic.twitter.com/3e62CEPb5M — Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) July 27, 2026 2.25 मीटर पार करने के बाद सरवेश और बेकफोर्ड दोनों 2.28 मीटर की ऊंचाई पार नहीं कर सके। इसके बाद काउंटबैक नियम के आधार पर जमैका के खिलाड़ी को स्वर्ण और सरवेश को रजत पदक मिला। ये सरवेश के करियर का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स पदक है और उन्होंने अपने डेब्यू में ही इतिहास रच दिया। तेजस्विन ने छोड़ी प्रतियोगिता तेजस्विन शंकर ने 2.05 मीटर की पहली कोशिश में असफल रहने के बाद प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया। उन्होंने ये कदम एहतियात के तौर पर उठाया क्योंकि वो गुरुवार से शुरू होने वाली पुरुष डेकाथलॉन स्पर्धा में भी हिस्सा लेने वाले हैं। 27 वर्षीय तेजस्विन पिछले दो वर्षों से डेकाथलॉन पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, इसलिए उन्होंने व्यक्तिगत हाई जंप प्रतियोगिताओं में कम हिस्सा लिया है। कैसा रहा सरवेश का जीवन महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवरगांव गांव के रहने वाले सरवेश कुशारे की सफलता का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। प्याज किसान के बेटे सरवेश ने बचपन में अपने पिता और पहले कोच की मदद से मक्के के छिलकों, कपास और खेती के अन्य अवशेषों से बने अस्थायी लैंडिंग पिट पर अभ्यास किया। साल 2016 में सर्वेश कुशारे ने भारतीय सेना को जॉइन किया। इंडियन आर्मी के 101 फील्ड रेजिमेंट में उन्हें नायब सूबेदार बनाया गया। इस नौकरी ने उनकी जिंदगी को स्थिरता दी और उन्हें अपने खेल के स्तर को और निखारने में मदद मिली। सरवेश ने क्या कहा? पदक जीतने के बाद सरवेश ने कहा, 'ये मेरा पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक है। एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे टूर्नामेंट ओलंपिक की राह तैयार करते हैं। मेरा अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना है।' आखिरी दो जम्प से पहले की मानसिक स्थिति पर उन्होंने कहा, 'मैं हर ऊंचाई पहली कोशिश में पार करना चाहता था। यह मेरे लिए शानदार अनुभव रहा।' तेजस्विन शंकर से मिले सुझावों पर सरवेश ने कहा, 'वो बेहतरीन खिलाड़ी हैं। आगे भी हम कई प्रतियोगिताओं में साथ खेलेंगे और अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।' STORY | Sarvesh Kushare becomes first Indian to win silver in men's high jump in Commonwealth Games National record holder Sarvesh Kushare scripted history as he became the first Indian to win a silver medal in the men's high jump event in the Commonwealth Games in Glasgow. The... pic.twitter.com/EXjIga9gIw — Press Trust of India (@PTI_News) July 28, 2026 कैसा रहा सरवेश का फाॅर्म? सरवेश हाल के महीनों में शानदार फॉर्म में रहे हैं। इसी महीने उन्होंने मोनाको डायमंड लीग में 2.26 मीटर की छलांग लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया था और डायमंड लीग में पोडियम पर पहुंचने वाले पहले भारतीय हाई जंपर बने थे। वह नीरज चोपड़ा, मुरली श्रीशंकर और विकास गौड़ा के बाद डायमंड लीग में टॉप-3 में जगह बनाने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी हैं। इससे पहले उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 2.31 मीटर की छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। यह भी पढ़ें- 12 साल तक किया इंतजार, फिर सीधे टीम इंडिया में एंट्री... आखिर कौन हैं सारांश जैन? कैसा रहा सरवेश का अब तक का करियर? सरवेश कुशारे का करियर धीरे-धीरे आगे बढ़ा। उन्होंने 2014 में पहली बार जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता खेली। 2018 इंडियन ओपन में 2.24 मीटर की छलांग लगाकर पहला राष्ट्रीय स्वर्ण जीता। 2019 इंडियन ओपन में 2.26 मीटर और 2022 गुजरात नेशनल गेम्स में 2.27 मीटर की छलांग लगाकर उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया। 2025 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप (टोक्यो) में 2.18 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहते हुए वह विश्व चैंपियनशिप के पुरुष हाई जंप फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय भी बने थे।
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