स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों का प्रदर्शन, DEO से सख्त कदम उठाने की मांग
अंबिकापुर| सरगुजा संभाग मुख्यालय में निजी विद्यालयों द्वारा एनसीईआरटी (NCERT) की पाठ्यपुस्तकों के स्थान पर अत्यधिक महँगी प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें थोपे जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।...
स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों का प्रदर्शन, DEO से सख्त कदम उठाने की मांग अंबिकापुर| सरगुजा संभाग मुख्यालय में निजी विद्यालयों द्वारा एनसीईआरटी (NCERT) की पाठ्यपुस्तकों के स्थान पर अत्यधिक महँगी प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें थोपे जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस गंभीर मुद्दे पर 'जिला अभिभावकगण संघ सरगुजा' मुखर होकर सामने आया है। संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन के स्पष्ट व सख्त निर्देशों के बावजूद कुछ निजी स्कूल अपनी मनमानी जारी रखे हुए हैं और अभिभावकों की जेब पर भारी आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों का आक्रोश दी गई शिकायत में विशेष रूप से 'होली क्रॉस स्कूल' और 'माउंट फोर्ट स्कूल' का हवाला देते हुए यह आरोप लगाया गया है कि इन शिक्षण संस्थानों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को दरकिनार कर महँगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें चलाई जा रही हैं, जबकि जिला प्रशासन ने सभी निजी विद्यालयों के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य रूप से संचालित करने के आदेश दिए थे। अभिभावक संघ के अनुसार, अंबिकापुर के कई अन्य बड़े निजी स्कूल—जैसे कार्मेल स्कूल, होली क्रॉस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ओरिएंटल पब्लिक स्कूल, न्यू डीपीएस स्कूल और बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल—भी इसी प्रकार के नियमों के उल्लंघन में लिप्त हैं। बताया गया कि पूर्व में इन विद्यालयों को दो माह पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे और वित्तीय जुर्माने की बात भी कही गई थी, किंतु इसके पश्चात आगे कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण अभिभावकों में रोष व्याप्त है। 'चुनिंदा लोगों से सहमति का दावा और पारदर्शिता की कमी' अभिभावक संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कूल प्रबंधन ने अपने अनुचित निर्णयों को वैध साबित करने के लिए महज कुछ चुनिंदा अभिभावकों की बैठक आयोजित कर उनकी औपचारिक सहमति ले ली, जबकि बहुसंख्यक अभिभावकों को इस पूरी प्रक्रिया से पूरी तरह से अंधेरे में रखा गया। संघ का स्पष्ट मत है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से गैर-पारदर्शी थी, जिसका एकमात्र उद्देश्य महँगी किताबें और सामग्रियां बेचकर आर्थिक लाभ कमाना था। बढ़ते आर्थिक बोझ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग शिकायत में इस बात पर जोर दिया गया है कि प्राइवेट पब्लिकेशन की पुस्तकें और अन्य शिक्षण सामग्रियां बाजार में अत्यधिक ऊँची कीमतों पर बेची जा रही हैं, जिससे आम मध्यमवर्गीय परिवारों की कमर टूट रही है। जिला अभिभावकगण संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी से पुरजोर माँग की है कि होली क्रॉस और माउंट फोर्ट समेत अन्य दोषी स्कूलों में प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबों की बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद कराई जाए। साथ ही, प्रशासनिक आदेशों की सरेआम अवहेलना करने वाले इन स्कूल प्रबंधनों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा विभाग ने समय रहते इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो अभिभावक व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। फिलहाल पूरे प्रकरण को लेकर जिला शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
This is a summary. Read the full article at the original source.
Read full article at satyaexpress
