Dharmendra Pradhan resignation- केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सियासी घमासान: भाजपा ने सराहा, कांग्रेस ने साधा निशाना, मुख्यमंत्री साय बोले- ‘राष्ट्रहित सर्वोपरि’

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदेश की राजनीति का तापमान काफी बढ़ गया है, और भाजपा तथा कांग्रेस के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है. इस पूरे घटनाक्रम पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं: मु
अन्य समाचार dharmendra pradhan resignation political reaction bjp congress chhattisgarh केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदेश की राजनीति का तापमान काफी बढ़ गया है, और भाजपा तथा कांग्रेस के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है. इस पूरे घटनाक्रम पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय: राष्ट्रहित सर्वोपरि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के फैसले की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला कदम बताया है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में पद से अधिक महत्वपूर्ण देश और संगठन का हित होता है. यह निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों, जवाबदेही और नैतिक राजनीति का एक बेहतरीन उदाहरण है तथा जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने सार्वजनिक जीवन के प्रत्येक दायित्व का निर्वहन सदैव निष्ठा, ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. विशेष रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के सृजन में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है. राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए पद से त्यागपत्र देने का उनका यह निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों, मर्यादा और सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है. पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का समर्थन करते हुए कहा कि आंदोलन को शांत करने के लिए यह फैसला बेहद जरूरी था. नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत: छात्रों और युवाओं के संघर्ष की बड़ी जीत दूसरी ओर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने इस घटनाक्रम को युवाओं और छात्रों के संघर्ष की जीत बताया है. उन्होंने कहा कि यह छात्रों की बुलंद आवाज और अन्याय के खिलाफ न्याय की बड़ी जीत है. देश का युवा जब सड़कों पर उतरकर अपने हक की लड़ाई लड़ता है, तो सरकारों को भी झुकना पड़ता है. उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की खून-पसीने की कमाई, मेहनत और उनके सपनों के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने कड़े कानून और मजबूत एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू करने, छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा प्रधानमंत्री से प्रभावित छात्रों से माफी मांगने की मांग की है. भूपेश बघेल और दीपक बैज के तीखे हमले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि प्रधान का इस्तीफा हो गया है, जो कि भारत के युवाओं की जीत है. उन्होंने केंद्र सरकार की तुलना 'हिरण्यकश्यप' से और जेन जेड़ की तुलना 'नर्सिंग अवतार' से की है. बघेल ने कहा कि प्रधान का इस्तीफा देश के बेरोजगार छात्रों की जीत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की हार है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नैतिकता के आधार पर नहीं, बल्कि राजनीतिक मजबूरी में दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने हरसंभव नीट मामले को दबाने और युवाओं के अधिकारों को कुचलने का काम किया है. देश भर में सरकार के खिलाफ आवाज उठने के बाद मजबूरी में धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा. उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक का संकट अब राष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुका है.
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