Business·

Dragon Fruit Farming: बरसात में ड्रैगन फ्रूट को बचाने का सीक्रेट, फंगस दिखते ही करें ये 3 काम, नहीं घटेगी पैदावार

Dragon Fruit Farming: बरसात में ड्रैगन फ्रूट को बचाने का सीक्रेट, फंगस दिखते ही करें ये 3 काम, नहीं घटेगी पैदावार

Dragon Fruit Fungus Control Tips: बरसात आते ही ड्रैगन फ्रूट की फसल पर खतरा मंडराने लगता है, जो देखते ही देखते पूरे पौधे को कमजोर कर सकता है. ज्यादा नमी और बदलते मौसम के कारण फंगस तेजी से फैलता है और अगर शुरुआत में ध्यान न दिया जाए तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. शाहजहांपुर के प्रगतिशील किसान अंशुल मिश्रा से जानिए कि किन छोटी-छोटी गलतियों से फंगस बढ़ता है और किसान भाई समय रहते कौन से उपाय अपनाकर फसल को बचाया सकते है.

शाहजहांपुर: बरसात के मौसम में ड्रैगन फ्रूट की फसल पर फंगस का खतरा तेजी से मंडराने लगता है. मौसम में बदलाव, खासकर गर्मी से बरसात और फिर बरसात से सर्दी के दौरान नमी बढ़ने के कारण पौधों में फंगल इन्फेक्शन तेजी से फैलता है. अगर समय रहते इसका सही प्रबंधन न किया जाए, तो यह पूरी फसल को बर्बाद कर सकता है. बरसात में अत्यधिक नमी के कारण फंगस का आक्रमण बढ़ जाता है. ऐसे में खेतों में जल भराव न होने दें और फंगस के लक्षण दिखते ही फंगीसाइड का छिड़काव या प्रभावित हिस्सों की कटाई करें. प्रगतिशील युवा किसान अंशुल मिश्रा ने बताया कि जब गर्मी से बरसात का समय आता है या बरसात के बाद अक्टूबर-नवंबर में सर्दी की शुरुआत होती है, तब नमी के कारण पौधों में फंगस का प्रकोप तेजी से बढ़ता है. हल्की मात्रा में फंगस होने पर पौधा कभी-कभी खुद ठीक हो जाता है, लेकिन समस्या बढ़ने पर ‘रोको’ या ‘साफ’ जैसे फंगीसाइड पाउडर का घोल बनाकर छिड़काव करना जरूरी होता है. अगर पौधा अत्यधिक प्रभावित है, तो संक्रमित हिस्से को कटर से काटकर हटा देना चाहिए. बरसात और गर्मी के संतुलन के लिए खेतों में पानी का सही बहाव और आवश्यकतानुसार छाया की व्यवस्था फंगस को रोकने में कारगर साबित होती है. मौसम में बदलाव और फंगस का फैलाव बरसात के मौसम में हवा में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है. जब गर्मी के बाद पहली बारिश होती है या मानसून के दौरान मौसम अचानक बदलता है, तब ड्रैगन फ्रूट के पौधों पर फंगस का हमला सबसे तेज होता है. अधिक नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव फंगस के बीजाणुओं को पनपने के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करते हैं. इसलिए इस दौरान पौधों की लगातार निगरानी करना बेहद जरूरी हो जाता है. फंगीसाइड का करें छिड़काव अगर ड्रैगन फ्रूट के पौधों पर फंगस की शुरुआत बहुत हल्की हो, तो पौधे में प्राकृतिक रूप से सुधार हो सकता है. हालांकि, संक्रमण फैलने पर फंगीसाइड जैसे रोको या साफ पाउडर के घोल का छिड़काव करना पड़ता है. इसके अलावा, जिन हिस्सों पर फंगस बहुत अधिक फैल चुका हो, उन्हें चाकू या कटर की मदद से काटकर हटा देना चाहिए ताकि संक्रमण स्वस्थ हिस्सों तक न पहुंचे. हीट वेव और धूप से बचाव के उपाय गर्मी और बरसात के मिले-जुले असर से बचने के लिए किसान चाइना क्ले (China Clay) पाउडर का स्प्रे भी करते हैं. यह पाउडर सूर्य की तेज किरणों को परावर्तित (reflect) कर देता है, जिससे ड्रैगन फ्रूट की त्वचा को सीधा नुकसान नहीं पहुंचता है. ड्रिप सिंचाई के बजाय खेतों में आवश्यकतानुसार पानी का बहाव बनाकर नमी का संतुलन बनाए रखने से भी पौधों को फंगस के प्रकोप से सुरक्षित रखा जा सकता है. ग्रीन नेट और जल प्रबंधन से सुरक्षा छोटे पैमाने यानी 1-2 बीघा पर ड्रैगन फ्रूट उगाने वाले किसान पौधों के ऊपर ग्रीन नेट (Green Net) का शेड बनाकर तेज धूप और अत्यधिक बारिश के प्रभाव से बचाव कर सकते हैं. हालांकि, बड़े खेतों के लिए यह तरीका महंगा साबित होता है. फंगस से बचने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका यही है कि खेत में पानी जमा न होने दें और शुरुआती लक्षणों पर ही सही उपचार शुरू करें.

This is a summary. Read the full article at the original source.

Read full article at hindinews18