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Ghaziabad News: हाइवे पर बैठे किसान, नौ घंटे तक नारेबाजी...जाम और खींचतान

Ghaziabad News: हाइवे पर बैठे किसान, नौ घंटे तक नारेबाजी...जाम और खींचतान

हाइवे पर बैठे किसान, नौ घंटे तक नारेबाजी...जाम और खींचतान

कौशांबी। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध कर रहे किसानों और यूपी पुलिस के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 9 पर मंगलवार को तीखी झड़प और खींचतान हुई। किसानों ने हाइवे पर बैठकर नारेबाजी की। उधर, बैरिकेडिंग हटाते हुए किसानों ने दिल्ली जाने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने 70 किसानों को हिरासत में लेकर इंदिरापुरम व कौशांबी थाना और गाजियाबाद पुलिस लाइन में रखा गया। सुबह करीब 9:30 बजे से यूपी गेट पर किसानों के आने का सिलसिला शाम 5 बजे तक चलता रहा। दोपहर में एक किसान संगठन को खदेड़ते हुए कौशांबी थाने और पुलिस लाइन भिजवाया। करीब नौ घंटे तक चले हंगामे के कारण एनएच नौ पर वाहन रेंगते रहे और जाम से राहगीरों को जूझना पड़ा। देर शाम हालात सामान्य हुए तब यातायात व्यवस्था सुचारू हुई। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (यूएस ट्रेड डील) के विरोध में देश बचाओ मोर्चा और किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने 21 जुलाई को दिल्ली में महापंचायत करने का ऐलान किया था। उनके साथ-साथ 50 से अधिक किसान संगठनों ने महापंचायत में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया था। सोमवार को किसानों की घोषणा के बाद से ही यूपी पुलिस अलर्ट मोड पर थी। देर रात से ही यूपी-दिल्ली के सभी बॉर्डर पर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी गई। वहीं, मंगलवार सुबह कौशांबी स्थित यूपी गेट बॉर्डर, साहिबाबाद के सीमापुरी बॉर्डर, शालीमार गार्डन स्थित अप्सरा बॉर्डर आदि को बैरिकेडिंग से सील कर दिया गया। यूपी गेट पर सुबह 6 बजे से एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य के नेतृत्व में पांच थानों और 12 से अधिक चौकियों से एसआई और कांस्टेबल के अलावा डेढ़ प्लाटून पीएसी तैनात की गई थी। सुबह 9ः30 बजे के करीब 35-40 किसानों का पहला समूह यूपी गेट पहुंचा। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो खूब झड़प हुई। गुस्साए किसान हाइवे पर ही बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। इस पर पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर इंदिरापुरम थाने भेज दिया। इसके बाद लगातार किसान संगठनों की आवाजाही लगी रही। दोपहर करीब 12ः30 बजे पहुंचे किसानों ने बैरिकेडिंग हटाकर दिल्ली की तरफ बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की और खींचतान भी हुई। पुलिस ने सभी को खदेड़ते हुए कौशांबी थाने और पुलिस लाइन भिजवाया। दिल्ली में आंदोलन बंद न होने तक किसानों को पुलिस हिरासत में ही रखा गया। जाम से जूझे राहगीर, एंबुलेंस और स्कूल बस भी फंसीयूपी गेट पर किसानों के प्रदर्शन व पुलिस झड़प की वजह से जाम के हालात पैदा हो गए। स्थिति यह हो गई कि सुबह से ही वाहनों की रफ्तार एनएच पर थमती चली गई। दोपहर तक कुछ-कुछ देरी पर वाहनों की लंबी कतार लगना शुरू हो गई। एक तरफ यूपी पुलिस की बैरिकेडिंग और दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस की सख्ती के चलते वाहन रेंगते रहे। इस दौरान जाम में एंबुलेंस और स्कूल बसें भी फंसी रहीं। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग करते हुए चेकिंग की जा रही थी। किसानों को समझाकर शांत कराया गया। उन्हें थाने में बिठाया गया था। मौके पर पुलिस फोर्स और यातायात कर्मियों की पर्याप्त तैनाती की गई थी। हंगामा शांत होने के बाद यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया गया। यूपी गेट पर किसानों को बस में बिठाकर भेजती पुलिस। संवाद

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