उत्तराखंड में GST चोरी पर बड़ी कार्रवाई, तंबाकू कारोबारियों से 8.5 करोड़ रुपये की वसूली

उत्तराखंड में राज्य कर विभाग ने तंबाकू उत्पादों से जुड़े 32 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जीएसटी चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में जीएसटी अपवंचन (कर चोरी) के खिलाफ राज्य कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेशभर में तंबाकू उत्पादों से जुड़ें 32 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी शुरू की। कार्रवाई के पहले ही दिन विभाग ने संबंधित कारोबारियों से 8.5 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा करा दिए। विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और कर चोरी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कर अपवंचन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की नीति के तहत आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सिगरेट, पान-मसाला तथा तंबाकू उद्योगों को निशाने पर लिया गया। 23 जुलाई को राज्य कर विभाग की विभिन्न अनुसंधान शाखाओं ने पूरे प्रदेश में एक साथ कार्रवाई की। इसके तहत देहरादून संभाग में 17, हरिद्वार संभाग में तीन, रुद्रपुर संभाग में तीन तथा हल्द्वानी संभाग में नौ स्थानों का चयन कर वहां संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गहन जांच की गई। कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने संयुक्त आयुक्त (अनुसंधान) के नेतृत्व में 32 टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में 100 विभागीय अधिकारी शामिल रहे। पूरे अभियान के दौरान कारोबारी प्रतिष्ठानों के स्टॉक, खरीद-बिक्री के अभिलेख, कर भुगतान तथा अन्य दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया गया। जांच में कई फर्मों के स्टॉक रजिस्टर और लेखा अभिलेखों में गंभीर विसंगतियां सामने आईं। विभाग के अनुसार जीएसटी अधिनियम-2017 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए कई कारोबारियों ने अपनी वास्तविक बिक्री कम दर्शाई और कर देयता से बचने का प्रयास किया। ऐसे मामलों में संबंधित फर्मों के व्यापार से जुड़े समस्त अभिलेख विभाग ने अपने कब्जे में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद जीएसटी अधिनियम तहत कर, ब्याज और जुर्माने की वसूली की जाएगी। फिलहाल जांच के दौरान संबंधित कारोबारियों से 8.5करोड़ रुपये जमा करा लिए गए हैं। आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन ने कहा कि कर अपवंचन रोकना और राजस्व बढ़ाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कर चोरी में लिप्त फर्मों की पहचान कर उनके विरुद्ध विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर अपवंचन करने वाले किसी भी व्यापारी को बख्शा नहीं जाएगा, जबकि समय पर और ईमानदारी से कर जमा करने वाले कारोबारियों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा। विभाग ने दोहराया कि कर चोरी करने वाली फर्मों के विरुद्ध प्राथमिकता के आधार पर विधिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यह भी पढ़ें- 23 घंटे चला छापा: बरेली में कारोबारी के घर CGST की बड़ी कार्रवाई, दस्तावेज जब्त यह भी पढ़ें- Gorakhpur News: गोरखपुर में जीएसटी छापे कर चोरी का पर्दाफाश, 40 लाख रुपये बरामद
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