यौन शोषण मामले में पद से हटाए गए पाकिस्तानी मूल के ICC अभियोजक करीम खान, जांच में मिली संलिप्तता
अदालत की निगरानी संस्था ने जून में अपनी जांच में पाया था कि खान ने एक जूनियर आईसीसी कर्मचारी के साथ अनुचित यौन संबंध बनाकर 'कर्तव्य का गंभीर उल्लंघन और गंभीर कदाचार' किया। साथ ही, उन पर आरोप था कि उन्होंने संबंधित कर्मचारी को अपनी शिकायत आगे बढ़ाने से रोकने की भी कोशिश की।
Karim Khan: यौन शोषण के मामले में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) के अभियोजक करीम खान को उनके पद से हट दिया गया है। गर्वनिंग बॉडी ने कहा है कि उसकी जांच में खान की सेक्सुअल कदाचार में संलिप्तता मिली है। इसके बाद खान पर कार्रवाई हुई है। यौन शोषण का यह मई 2025 का है। करीम पर एक पूर्व सहयोगी ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता ने खान पर शारीरिक हमले का भी आरोप लगाया है। 2021 में आईसीसी के तीसरे अभियोजक चुने गए करीम खान को पिछले महीने निलंबित कर दिया गया था। अब उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव 82 वोटों के समर्थन से पारित हो गया।,खान ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार किया है ,अदालत की निगरानी संस्था ने जून में अपनी जांच में पाया था कि खान ने एक जूनियर आईसीसी कर्मचारी के साथ अनुचित यौन संबंध बनाकर 'कर्तव्य का गंभीर उल्लंघन और गंभीर कदाचार' किया। साथ ही, उन पर आरोप था कि उन्होंने संबंधित कर्मचारी को अपनी शिकायत आगे बढ़ाने से रोकने की भी कोशिश की। करीम खान ने इन सभी आरोपों से लगातार इनकार किया है। उनके वकील ने कहा कि वे इस फैसले की वैधता और निष्पक्षता को उपलब्ध सभी कानूनी माध्यमों से चुनौती देंगे।,न्यूयॉर्क के यूएन कार्यालय में हुआ मतदान,रिपोर्टों के मुताबिक खान को उनके पद से हटान के लिए मतदान न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुआ। ICC के कुल 125 सदस्य देशों में से 82 देशों ने करीम खान को उनके पद से हटाने के पक्ष में वोट दिया जबकि 13 देशों ने उनका समर्थन किया। वहीं, 15 देश मतदान से दूर रहे और अन्य सदस्यों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। ,कानूनी विकल्प खंगालेंगे खान,हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पद से हटाए जाने के बाद उनके पास कौन-कौन से कानूनी विकल्प उपलब्ध हैं। मतदान के बाद जारी बयान में आईसीसी ने सदस्य देशों की 125 सदस्यीय असेंबली ऑफ स्टेट्स पार्टीज के इस फैसले का संज्ञान लिया। आईसीसी ने कहा, 'अदालत अपने सभी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक कार्यस्थल बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी।'
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