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IIT BHU: छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का केस, CCTV फुटेज पेश करने वाले सिपाही की गवाही, बचाव पक्ष की जिरह जारी

IIT BHU: छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का केस, CCTV फुटेज पेश करने वाले सिपाही की गवाही, बचाव पक्ष की जिरह जारी

अभियोजन ने पिछली सुनवाई में प्रार्थना पत्र देकर कुछ अतिरिक्त गवाहों को तलब किए जाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

आईआईटी बीएचयू की छात्रा से वर्ष 2023 में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले की सुनवाई शनिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान सीटी कमांड सेंटर के सिपाही अनिल प्रजापति, जिन्होंने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराए थे, का बयान दर्ज किया गया। इसके बाद बचाव पक्ष की ओर से उनकी जिरह शुरू हुई, जो पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तारीख तय की है। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मनोज गुप्ता ने गवाह का मुख्य परीक्षण कराया। इसके बाद आरोपी कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल की ओर से अधिवक्ता ने जिरह की। अन्य आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ता भी अदालत में मौजूद रहे। अभियोजन ने पिछली सुनवाई में प्रार्थना पत्र देकर कुछ अतिरिक्त गवाहों को तलब किए जाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। आवेदन में कहा गया कि विवेचना के दौरान बीएचयू प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए सीसीटीवी फुटेज के संबंध में भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65-बी का प्रमाणपत्र केस डायरी का हिस्सा बनाया गया है। हालांकि, यह प्रमाणपत्र जारी करने वाले साक्षी का नाम आरोपपत्र में शामिल नहीं किया गया था। इसके अलावा, आरोपियों के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन से संबंधित आईपीडीआर, सीडीआर, सीएएफ और जीपीआरएस की प्रमाणित प्रतियां भी विवेचना में प्राप्त हुई हैं। इन दस्तावेजों के साथ जारी प्रमाणपत्र भारती एयरटेल लिमिटेड, गोमतीनगर (लखनऊ) के नोडल अधिकारी कौशलेन्द्र त्रिपाठी ने उपलब्ध कराया है। अभियोजन ने उन्हें भी गवाही के लिए तलब किए जाने की आवश्यकता बताई।

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