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झारखंड के राजनगर से Infosys के अगले CEO पद तक, जानिए आशीष दास के संघर्ष की पूरी कहानी

झारखंड के राजनगर से Infosys के अगले CEO पद तक, जानिए आशीष दास के संघर्ष की पूरी कहानी

राजनगर गांव के रहने वाली आशीष दास अब Infosys के अगले CEO बनेंगे. उन्होंने झारखंड के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और IIT तक का सफर तय किया. आशीष दास 31 साल से इंफोसिस से जुड़े हुए हैं. 1 अप्रैल 2027 से कंपनी का नया CEO बनाया जाएगा. दास के बड़े भाई ने कहा कि परिवार के लोगों में इस खबर को लेकर काफी खुशी है. उन्होंने आशीष दास के बचपन और पढ़ाई-लिखाई के बारे में हमसे बातचीत की. The post झारखंड के राजनगर से Infosys के अगले CEO पद तक, जानिए आशीष दास के संघर्ष की पूरी कहानी appeared first on Prabhat Khabar .

Ashiss Kumar Dash: IT सर्विस देने वाली कंपनी इंफोसिस ने अपने नए CEO और एमडी की घोषणा की है. झारखंड के आशीष कुमार दास को 1 अप्रैल 2027 से कंपनी का नया CEO बनाया जाएगा. आशीष कुमार दास की नियुक्ति पांच साल के लिए की गई है. आइए, उनकी पास्ट लाइफ और एजुकेशन के बारे में जानते हैं. कुछ पाने को लेकर हमेशा से जिद्दी थे आशीष दास आशीष कुमार दास झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर के रहने वाले हैं. वे एक साधारण परिवार से आते हैं. 5 भाईयों में सबसे छोटे आशीष हमेशा से पढ़ने-लिखन में काफी अच्छे थे. उनके बड़ा भाई मानस शंकर रंजन दास ने प्रभात खबर से बातचीत में बताया कि आशीष शुरू से मेहनती थे. वे पढ़ने में जिद्दी स्वभाव के थे. हर क्लास में टॉप करते थे. सरकारी स्कूल से हुई शुरुआत आशीष दास के लिए इंफोसिस के CEO तक का सफर इतना आसान नहीं था. आशीष ने 12वीं कक्षा में ही अपने पिता को खो दिया. उनकी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल से हुई है. प्राथमिक शिक्षा गांव के ही स्कूल से हासिल की. इसके बाद SS High School Rajnagar और टाटा कॉलेज चाईबासा से पढ़ाई हुई. आशीष दास छोटा शहर, न बिजली न बुनियादी सुविधा फिर भी पाई सफलता आशीष दास के भाई कहते हैं कि राजनगर बहुत छोटा सा जगह है. ये स्थान आज भी कुछ खास नहीं डेवलेप है तो आप सोच सकते हैं कि उस समय क्या ही हालात होंगे. उन्होंने बताया कि आशीष दास लालटेन में पढ़ाई किया करते थे क्योंकि उस समय बिजली की दिक्कत रहती थी. IIT Kharagpur से की इंजीनियरिंग की पढ़ाई दास ने IIT Kharagpur से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ग्लोबल लीडरशिप प्रोग्राम और लंदन बिजनेस स्कूल के सीनियर एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में भी भाग लिया, जहां उन्होंने वैश्विक नेतृत्व और प्रबंधन से जुड़ी अपनी क्षमता को निखारा. इंफोसिस को आगे ले जाने का सपना मीडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वे इंफोसिस में AI के दौर में मजबूत बनाएंगे. इंफोसिस पहले से भी AI के दौर में बेहतरीन स्ट्रैटजी के साथ काम कर रहा है और उनका उद्देश्य है इसे और आगे ले जाना. 31 साल पहले सीनियर एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में कंपनी से जुड़े थे आशीष इंफोसिस में लगभग 31 वर्षों से कार्यरत हैं. 1995 में उन्होंने कंपनी में सीनियर एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में अपना करियर शुरू किया था. बाद में उन्होंने एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और सर्विसेज, यूटिलिटीज, रिसोर्सेज, एनर्जी एवं सस्टेनेबिलिटी जैसे फील्ड में लीडरशिप का रोल निभाया. उन्होंने 500 से अधिक ग्लोबल कंपनियों को AI, क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन टेक्निक को अपनाने में मदद की है. यह भी पढ़ें- IIT से BTech, सोलर एनर्जी के लिए किया काम, जानें कौन हैं नए उच्च शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार The post झारखंड के राजनगर से Infosys के अगले CEO पद तक, जानिए आशीष दास के संघर्ष की पूरी कहानी appeared first on Prabhat Khabar .

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