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Jantar Mantar Protest | बचने का कोई रास्ता नहीं! जंतर-मंतर पर FRS कैमरों ने बेनकाब किए 2,500 उपद्रवी, सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी, 15 FIR दर्ज

Jantar Mantar Protest | बचने का कोई रास्ता नहीं! जंतर-मंतर पर FRS कैमरों ने बेनकाब किए 2,500 उपद्रवी, सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी, 15 FIR दर्ज

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर भीड़ का फायदा उठाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और पुलिस पर धारदार हथियारों से हमला करने की नीयत से 2,500 से ज्यादा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उपद्रवी विरोध स्थल में घुस चुके हैं। 20 जुलाई को हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर पर लगाए गए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से इन बदमाशों की पहचान की गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक कुल 15 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में फिर आफत का शनिवार! CJP प्रदर्शन के चलते मेट्रो के 18 स्टेशन बंद, दफ्तर-कॉलेज जाने वालों की बढ़ीं मुश्किलें 20 जुलाई को हुई हिंसा के बाद जंतर-मंतर पर FRS सिस्टम लगाया गया था वे धारदार हथियारों से हमला कर रहे हैं। गौरतलब है कि 20 जुलाई को हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर FRS सिस्टम लगाया था। पिछले तीन दिनों—21, 22 और 23 जुलाई—के दौरान 2,500 से ज़्यादा उपद्रवियों की पहचान की गई और दिल्ली पुलिस ने अब तक कुल 15 FIR दर्ज की हैं। उन्होंने कहा कि यह सर्विलांस सिस्टम आम प्रदर्शनकारियों के लिए नहीं है, बल्कि वॉन्टेड अपराधियों, भगोड़ों, हिस्ट्री-शीटरों और "बैड कैरेक्टर्स" (BCs) की पहचान करने के लिए है, जो विरोध प्रदर्शन में घुसपैठ करके कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: 'राजनीतिक हिसाब-किताब छोड़ सहानुभूति दिखाएं', Sonam Wangchuk की पत्नी का आलोचकों को करारा जवाब मुख्य एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर चार FRS यूनिट लगाई गई हैं विरोध स्थल के आसपास मुख्य एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर चार FRS यूनिट लगाई गई हैं और ये दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से जुड़ी हुई हैं। पुलिस अधिकारी इस सिस्टम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिससे वे किसी भी वॉन्टेड अपराधी या आदतन अपराधी की पहचान तुरंत वेरिफाई कर सकते हैं, जिनकी जानकारी पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में मौजूद है। पुलिस के एक सूत्र ने कहा, "इस टेक्नोलॉजी से अब तक आपराधिक बैकग्राउंड वाले 2,500 से ज़्यादा लोगों की पहचान करने में मदद मिली है। यह एक मज़बूत निवारक (deterrent) के तौर पर काम करती है और हमें उन लोगों पर कड़ी नज़र रखने में मदद करती है जो विरोध प्रदर्शन का गलत इस्तेमाल करके कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं।" FRS में हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे लगे हैं जो दूर से भी चेहरे की तस्वीरें कैप्चर कर सकते हैं पुलिस के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, FRS में हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे लगे हैं जो दूर से भी चेहरे की तस्वीरें कैप्चर करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, "एक बार चेहरा कैप्चर हो जाने के बाद, उसे कुछ ही सेकंड में दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से मिलाया जाता है। अगर कोई वॉन्टेड या भागा हुआ आरोपी पकड़ा जाता है, तो संबंधित पुलिस यूनिट को तुरंत अलर्ट कर दिया जाता है ताकि बिना देरी के ज़रूरी कानूनी कार्रवाई की जा सके।" पुलिस ने बताया कि यह टेक्नोलॉजी उन आदतन अपराधियों की पहचान करने में भी मदद करती है जो बार-बार आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं और दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड में "बैड कैरेक्टर" (बदमाश) के तौर पर दर्ज हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा, "इसे लगाने का मकसद अपराध रोकना और जांच करना, दोनों है। इससे हम असामाजिक तत्वों का जल्द पता लगा पाते हैं और आम प्रदर्शनकारियों को बिना किसी परेशानी के सुरक्षा इंतज़ाम मज़बूत कर पाते हैं।" यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली पुलिस ने FRS कैमरे लगाए हैं। सुरक्षा इंतज़ामों के तहत पुलिस ने गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, होली, दिवाली, ईद, रामलीला समारोह और कई अन्य बड़े आयोजनों के दौरान पूरे शहर में यह सिस्टम लगाया है।

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर भीड़ का फायदा उठाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और पुलिस पर धारदार हथियारों से हमला करने की नीयत से 2,500 से ज्यादा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उपद्रवी विरोध स्थल में घुस चुके हैं। 20 जुलाई को हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर पर लगाए गए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से इन बदमाशों की पहचान की गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक कुल 15 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। 20 जुलाई को हुई हिंसा के बाद जंतर-मंतर पर FRS सिस्टम लगाया गया था वे धारदार हथियारों से हमला कर रहे हैं। गौरतलब है कि 20 जुलाई को हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर FRS सिस्टम लगाया था। पिछले तीन दिनों—21, 22 और 23 जुलाई—के दौरान 2,500 से ज़्यादा उपद्रवियों की पहचान की गई और दिल्ली पुलिस ने अब तक कुल 15 FIR दर्ज की हैं। उन्होंने कहा कि यह सर्विलांस सिस्टम आम प्रदर्शनकारियों के लिए नहीं है, बल्कि वॉन्टेड अपराधियों, भगोड़ों, हिस्ट्री-शीटरों और 'बैड कैरेक्टर्स' (BCs) की पहचान करने के लिए है, जो विरोध प्रदर्शन में घुसपैठ करके कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। मुख्य एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर चार FRS यूनिट लगाई गई हैं विरोध स्थल के आसपास मुख्य एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर चार FRS यूनिट लगाई गई हैं और ये दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से जुड़ी हुई हैं। पुलिस अधिकारी इस सिस्टम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिससे वे किसी भी वॉन्टेड अपराधी या आदतन अपराधी की पहचान तुरंत वेरिफाई कर सकते हैं, जिनकी जानकारी पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में मौजूद है। पुलिस के एक सूत्र ने कहा, 'इस टेक्नोलॉजी से अब तक आपराधिक बैकग्राउंड वाले 2,500 से ज़्यादा लोगों की पहचान करने में मदद मिली है। यह एक मज़बूत निवारक (deterrent) के तौर पर काम करती है और हमें उन लोगों पर कड़ी नज़र रखने में मदद करती है जो विरोध प्रदर्शन का गलत इस्तेमाल करके कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं।' FRS में हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे लगे हैं जो दूर से भी चेहरे की तस्वीरें कैप्चर कर सकते हैं पुलिस के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, FRS में हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे लगे हैं जो दूर से भी चेहरे की तस्वीरें कैप्चर करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, 'एक बार चेहरा कैप्चर हो जाने के बाद, उसे कुछ ही सेकंड में दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से मिलाया जाता है। अगर कोई वॉन्टेड या भागा हुआ आरोपी पकड़ा जाता है, तो संबंधित पुलिस यूनिट को तुरंत अलर्ट कर दिया जाता है ताकि बिना देरी के ज़रूरी कानूनी कार्रवाई की जा सके।' पुलिस ने बताया कि यह टेक्नोलॉजी उन आदतन अपराधियों की पहचान करने में भी मदद करती है जो बार-बार आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं और दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड में 'बैड कैरेक्टर' (बदमाश) के तौर पर दर्ज हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा, 'इसे लगाने का मकसद अपराध रोकना और जांच करना, दोनों है। इससे हम असामाजिक तत्वों का जल्द पता लगा पाते हैं और आम प्रदर्शनकारियों को बिना किसी परेशानी के सुरक्षा इंतज़ाम मज़बूत कर पाते हैं।' यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली पुलिस ने FRS कैमरे लगाए हैं। सुरक्षा इंतज़ामों के तहत पुलिस ने गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, होली, दिवाली, ईद, रामलीला समारोह और कई अन्य बड़े आयोजनों के दौरान पूरे शहर में यह सिस्टम लगाया है।

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