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Jhansi News: तीन साल से हिंदी विभाग के विद्यार्थियों को नहीं मिला स्मार्टफोन-टेबलेट योजना का लाभ

Jhansi News: तीन साल से हिंदी विभाग के विद्यार्थियों को नहीं मिला स्मार्टफोन-टेबलेट योजना का लाभ

तीन साल से हिंदी विभाग के विद्यार्थियों को नहीं मिला स्मार्टफोन-टेबलेट योजना का लाभ

झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) के हिंदी विभाग के स्नातक (यूजी) और परास्नातक (पीजी) के छात्र-छात्राओं को पिछले तीन वर्षों से उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ''स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना'' का लाभ नहीं मिल सका है। योजना के तहत मिलने वाले स्मार्टफोन और टैबलेट के लिए विद्यार्थी लगातार विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार, तत्कालीन विभागाध्यक्ष की ओर से समय पर विद्यार्थियों का डेटा न भेजे जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान यूजी और पीजी के 500 से अधिक विद्यार्थी इस योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं। बताया जा रहा है कि योजना के लिए आवश्यक डेटा समय पर पोर्टल पर अपलोड न होने के कारण विद्यार्थियों को ये उपकरण नहीं मिल सके। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वर्तमान विभागाध्यक्ष ने पूरे मामले से विश्वविद्यालय के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।प्रो. मुन्ना तिवारी (तत्कालीन विभागाध्यक्ष): उनका कहना है कि उनके कार्यकाल में हर बार डेटा भेजा गया था और एक बार विद्यार्थियों को योजना का लाभ भी मिला था। उन्होंने बताया कि पहले से लंबित 82 स्मार्टफोन और टैबलेट का समायोजन (एडजेस्टमेंट) न होने के कारण आगे का वितरण बाधित हुआ।प्रो. पुनीत बिसारिया (वर्तमान विभागाध्यक्ष): उन्होंने पुष्टि की कि पिछले तीन वर्षों से यूजी और पीजी के विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचित कर दिया गया है और वंचित विद्यार्थियों का डेटा दोबारा भेजने की तैयारी की जा रही है ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके।ज्ञानेंद्र कुमार (कुलसचिव): कुलसचिव ने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। यदि इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत या पत्र प्राप्त होता है, तो मामले की जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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