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Kanpur News : इंडस्ट्रियल यूनिट्स रोक के बावजूद डंप कर रहीं क्रोमियम कचरा एनजीटी सख्त कानपुर में क्रोमियम कचरा फेंकने के मामले में प्रमुख सचिव से मांगी रिपोर्ट चार सप्ताह में दाखिल करना होगा जवाब

Kanpur News : इंडस्ट्रियल यूनिट्स रोक के बावजूद डंप कर रहीं क्रोमियम कचरा एनजीटी सख्त कानपुर में क्रोमियम कचरा फेंकने के मामले में प्रमुख सचिव से मांगी रिपोर्ट चार सप्ताह में दाखिल करना होगा जवाब

कानपुर नगर कानपुर देहात और फतेहपुर में वर्षों से रोक के बावजूद कुछ इंडस्ट्रियल यूनिट्स के क्रोमियम कचरा डंप किए जाने से बढ़ रहे प्रदूषण के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है.

कानपुर (ब्यूरो)। कानपुर नगर, कानपुर देहात और फतेहपुर में वर्षों से रोक के बावजूद कुछ इंडस्ट्रियल यूनिट्स के क्रोमियम कचरा डंप किए जाने से बढ़ रहे प्रदूषण के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है। नई दिल्ली स्थित प्रधान पीठ ने प्रदेश के प्रमुख सचिव पर्यावरण को निर्देश दिया है कि फतेहपुर से रात के समय कानपुर में क्रोमियम युक्त कचरा के अवैध निस्तारण के आरोपों की जांच कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही राज्य सरकार को पूरे मामले में अनुपालन हलफनामा भी दाखिल करना होगा। मामले की अगली सुनवाई पांच अक्टूबर को होगी। प्रदूषण की वैज्ञानिक जांच आईआईटी कानपुर को 2.65 करोड़ रुपये जारी सुनवाई के दौरान न्यायालय के एमिकस क्यूरी ने एक समाचार रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि फतेहपुर की कुछ औद्योगिक इकाइयां बंदी के आदेशों के बावजूद कानपुर के पुरवामीर के आसपास रात के समय ताजा क्रोमियम युक्त कचरा फेंक रही हैं। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रदूषण की वैज्ञानिक जांच का काम तेजी से पूरा किया जाए। इसके लिए राज्य सरकार पहले ही आईआईटी कानपुर को 2.65 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। इस धनराशि से भूजल, मिट्टी व अन्य पर्यावरणीय नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण, प्रदूषण के स्रोतों की पहचान तथा हाटस्पाट की मैपिंग का कार्य कराया जा रहा है। न्यायाधिकरण को बताया गया कि यह अध्ययन दो चरणों में पूरा होगा और इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सुनवाई के दौरान पीड़ितों के उपचार का मुद्दा भी उठा। एनजीटी ने सरकार से उन लोगों के बारे में भी विस्तृत जानकारी मांगी है, जिनके रक्त के नमूनों में क्रोमियम व मरकरी की मात्रा सामान्य से अधिक पाई गई थी। उनके इलाज व चिकित्सीय सुविधाओं की जानकारी भी अगली सुनवाई तक मांगी है। पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अजीत कुमार सुमन ने बताया कि एनजीटी के निर्देशों के तहत आईआईटी के माध्यम से वैज्ञानिक अध्ययन कर प्रदूषण की वास्तविक स्थिति के आकलन के साथ क्रोमियम प्रदूषण मामलों की निगरानी कराई रही है। बोर्ड सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक जानकारी शासन को दे रहा है। कहीं भी पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। एनजीटी के समक्ष समयबद्ध ढंग से सभी तथ्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

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