Kanwar रूट पर राहत, आम वाहनों की आवाजाही जारी

Meerut मेरठ : कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कांवड़ यात्रा के समय दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे,...
Meerut मेरठ : कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कांवड़ यात्रा के समय दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन जारी रहेगा। इन प्रमुख मार्गों को बंद नहीं किया जाएगा, ताकि आम यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं।सोमवार को मेरठ के आयुक्त सभागार में कांवड़ यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान एनएचएआई के उच्चाधिकारियों को भी विशेष रूप से बुलाया गया और एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु अलग-अलग मार्गों से हरिद्वार और अन्य धार्मिक स्थलों की ओर जाते हैं। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। आम लोगों की सुविधा और जरूरी सेवाओं के संचालन को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को चालू रखा जाएगा।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। कांवड़ यात्रा के लिए अलग से मार्ग निर्धारित किए जाएंगे और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। इससे एक ओर जहां कांवड़ यात्रा सुचारू रूप से संचालित होगी, वहीं दूसरी ओर एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले आम यात्रियों को भी राहत मिलेगी।मुख्य सचिव और डीजीपी ने एनएचएआई अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक्सप्रेसवे पर लगातार निगरानी रखी जाए। इसके लिए एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित करने को कहा गया है। कंट्रोल रूम के माध्यम से यातायात की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और किसी भी आपात स्थिति पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर तैनात कर्मचारियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।प्रशासन की ओर से कहा गया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए पहले से ही तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाएगी और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह सहायता केंद्र और अन्य व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।अधिकारियों ने बैठक में यातायात डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी चर्चा की। निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो और जरूरी सेवाओं की आवाजाही प्रभावित न हो।कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन लगातार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर रहा है। एनएचएआई, पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस बार यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुविधा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को चालू रखने के फैसले से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का उद्देश्य है कि धार्मिक यात्रा भी व्यवस्थित तरीके से पूरी हो और आम जनजीवन भी प्रभावित न हो।
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