MP News: खराब मौसम भी नहीं रोक सका सीएम मोहन यादव का काफिला, तीन घंटे सड़क मार्ग से पहुंचे आलीराजपुर, ₹356.89 करोड़ की परियोजनाओं की दी सौगात

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव बलराम कृषि महोत्सव के लिए सड़क मार्ग से अलीराजपुर पहुंचे, विकास परियोजनाओं और किसान कल्याण योजनाओं की घोषणा की।
खराब मौसम और हेलीकॉप्टर की उड़ान रद्द होने के बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सड़क मार्ग से करीब तीन घंटे का सफर तय कर आलीराजपुर पहुंचे। चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर श्रद्धांजलि देने और जनजातीय समाज से संवाद करने के अपने संकल्प को पूरा करते हुए उन्होंने चंद्रशेखर आजाद नगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में भाग लिया। बताया गया कि इंदौर से आलीराजपुर रवाना होने से पहले हेलीकॉप्टर के पायलट ने खराब मौसम का हवाला देते हुए उड़ान भरने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सड़क मार्ग से यात्रा करने का निर्णय लिया और तय कार्यक्रम के अनुसार आलीराजपुर पहुंचे।बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता और कृषि अभियांत्रिकी विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने 303.34 करोड़ रुपये की लागत वाले विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 53.55 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस तरह जिले को कुल 356.89 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात मिली।मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 2.10 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया। साथ ही जैविक किसानों, मेधावी विद्यार्थियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को सम्मानित किया तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कई नई घोषणाएं भी कीं।जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर सरकार का जोरमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में व्यापक बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि आलीराजपुर, झाबुआ, मंडला, डिंडोरी और बालाघाट सहित पूरा जनजातीय अंचल सरकार के लिए तीर्थ के समान है।उन्होंने चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भाभरा की इस पावन धरती ने देश को ऐसा क्रांतिकारी दिया जिसने स्वतंत्रता आंदोलन में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने जीतू किराड़, राजा आलिया भील और टंट्या मामा सहित जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भी याद किया।किसानों और युवाओं के लिए कई योजनाओं का उल्लेखमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष-2026 के तहत किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि आलीराजपुर के 47,852 किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिल चुका है।उन्होंने कहा कि जिले में 1,100 करोड़ रुपये की लागत से दही-नर्मदा पाइपलाइन परियोजना का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और इसका लोकार्पण दीपावली के बाद किया जाएगा। इसके अलावा किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। नई योजना के तहत उन्नत नस्ल की 25 गायों के साथ डेयरी स्थापित करने पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।लाड़ली बहना और आवास योजनाओं का जिक्रमुख्यमंत्री ने कहा कि आलीराजपुर में अब तक 90 हजार से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जबकि 5.70 लाख से अधिक लोगों को नि:शुल्क राशन का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 15 तारीख से पहले 1,500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है।कई नई घोषणाएंमुख्यमंत्री ने कहा कि भाभरा में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद को समर्पित एक विशाल पार्क विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही रानी काजल माता लोक का निर्माण, कन्या छात्रावासों में आवासीय सुविधाओं का विस्तार और कोंडवा सिंचाई परियोजना के माध्यम से 70 हजार किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार के पक्ष में है। साथ ही जनजातीय परंपराओं और विशेष व्यवस्थाओं का सम्मान करते हुए जनजातीय समुदाय को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है।
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