निजी अस्पताल की लापरवाही से प्रसूता- नवजात की मौत मुकदमा दर्ज

कमीशन के चक्कर में आशा कार्यकर्ता पर मरीज को निजी अस्पताल ले जाने का आरोप
प्रयागराज (ब्यूराे)। क्षेत्र के एक निजी अस्पताल पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण पहले नवजात बच्ची और फिर प्रसूता की मौत हो गई। पीड़ित पति की तहरीर पर पुलिस ने आशा कार्यकर्ता, अस्पताल संचालक और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने अस्पताल को सीज करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। कमीशन के लिए भर्ती कराने का आरोप मुकुंदपुर, थाना होलागढ़ निवासी आशीष मौर्या ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी खुशबू मौर्या आठ माह की गर्भवती थीं। हल्का प्रसव दर्द होने पर गांव की आशा कार्यकर्ता ममता मौर्या उन्हें इलाज के लिए घर से लेकर निकली। आरोप है कि आशा कार्यकर्ता सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय कमीशन के लालच में उन्हें होलागढ़ मोड़ स्थित लाइफ क्योर हॉस्पिटल ले गई। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने महिला की हालत गंभीर बताते हुए तत्काल ऑपरेशन कराने की बात कही। परिजनों ने किसी तरह ₹50 हजार की व्यवस्था कर अस्पताल में जमा किए। इसके बाद 27 जुलाई की रात करीब 10:30 बजे अस्पताल की एम्बुलेंस से महिला को दूसरे अस्पताल ले जाकर ऑपरेशन कराया गया। ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत पीड़ित पति का आरोप है कि ऑपरेशन के तुरंत बाद खुशबू की हालत बिगड़ने लगी। वहीं अस्पताल में नवजात के इलाज के लिए एनआईसीयू की सुविधा नहीं थी। सांस लेने में परेशानी होने के कारण उसी रात करीब 11:30 बजे नवजात बच्ची की मौत हो गई। अगले दिन 28 जुलाई को महिला की हालत और गंभीर हो गई। परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए रेफर करने और अस्पताल की एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने दोनों से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजन निजी एम्बुलेंस से महिला को फाफामऊ स्थित विनीता अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस जांच शुरू विनीता अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद परिजनों को बताया कि ऑपरेशन के दौरान महिला की यूरिन की नस कट गई थी। इससे संक्रमण और अन्य जटिलताएं बढ़ गईं तथा हालत बेहद गंभीर हो गई। इलाज के दौरान 29 जुलाई की सुबह खुशबू मौर्या की भी मौत हो गई। पत्नी और नवजात बच्ची की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पीड़ित पति आशीष मौर्या ने सोरांव थाने में तहरीर देकर आशा कार्यकर्ता, लाइफ क्योर हॉस्पिटल के संचालक, कथित फर्जी डॉक्टरों और अन्य सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने अस्पताल को सीज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित की शिकायत पर तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की गहनता से जाँच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दीनदयाल सिंह थाना प्रभारी सोरांव
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