छात्रों की जायज मांगों को लाठियांे के बल दबाने का प्रयास निंदनीयः पूर्व उपसभापति
अलीगढ़। दि किसान सहकारी चीनी मिल साथा के पूर्व उपसभापति एवं पूर्व सहायक शासकीय अधिवक्ता ठाकुर गवेंद्र सिंह एडवोकेट ने नई दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट परीक्षा के छात्रों...
छात्रों की जायज मांगों को लाठियांे के बल दबाने का प्रयास निंदनीयः पूर्व उपसभापति अलीगढ़। दि किसान सहकारी चीनी मिल साथा के पूर्व उपसभापति एवं पूर्व सहायक शासकीय अधिवक्ता ठाकुर गवेंद्र सिंह एडवोकेट ने नई दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट परीक्षा के छात्रों पर लाठी चार्ज के कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि लोकतंत्र में देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी बात अहिंसात्मक एवं शांतिपूर्वक तरीके से रखने का संवैधानिक अधिकार है। नीट परीक्षा का लीक होना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और शिक्षा मंत्रालय इसके लिए पूर्ण रूप से दोषी है और पेपर लीक होना भी उसकी लापरवाही का नतीजा है। छात्रों की जायज मांगों को लाठियों के बल पर दबाने का प्रयास न केवल निंदनीय ह, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा कोठारा द्यात है। गवेन्द्र सिंह ने यह भी कहा कि देश का करोड़ों युवा आज बेरोजगारी से त्रस्त है। छात्रों के अभिभावक किस तरह से अपने बच्चों के भविष्य के लिए शिक्षा एवं कोचिंग पर लाखों रुपए खर्च करके पढ़ा रहे है। यह अभिभावक ही जानते हैं देश का युवा आज अपने भविष्य को लेकर पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था एवं न्याय की मांग कर रहा है। सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग कर उनकी जायज मांगों को दबाना चाहती है। इस तरह का कृत्य किसी भी संवेदनशील सरकार को शोभा नहीं देता है। सरकार को परीक्षा लीक होते समय ही तत्काल इस पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया होता तेा आज छात्रों को आंदोलन के लिए बाध्य नहीं होना पडता। उन्होंने कहा सरकार को छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार का उनके साथ सहानुभूति पूर्वक संवाद कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें जिससे इस तरह की पेपर लीक होने की पुनरावृत्ति ना हो। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के संघर्ष एवं देश के लोकतांत्रिक प्रणाली की जीत है।
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