धरना देने के लिए प्रधानमंत्री के घर तक क्यों जाना पड़ा? राहुल गांधी ने बताई ये दो वजहें

राहुल गांधी ने बुधवार (22 जुलाई) को दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. राहुल गांधी ने इस दौरान एक सवाल के जवाब में बताया कि कांग्रेस को पीएम आवास के पास धरना क्यों देना पड़ा. उन्होंने कहा कि पीएम आवास जाने से पहले वह लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला के पास पहुंचे थे.
Rahul Gandhi Press Conference: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार (22 जुलाई) को दिल्ली के इंदिरा भवन में एक पीसी को संबोधित किया. राहुल गांधी ने छात्रों की ओर से केंद्र सरकार की ओर से तीन मांगे रखीं. जिसमें केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल था. राहुल गांधी ने मंगलवार को कांग्रेस की ओर से 7 लोक कल्याण मार्ग (पीएम आवास) के पास धरना देने के मसले पर भी बात की. दरअसल, राहुल गांधी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए नीट समेत देश में अलग-अलग समय पर लीक हुए पेपर के मुद्दे को उठाया. राहुल गांधी ने इस दौरान दावा किया कि गत 10 साल में 152 पेपर लीक हुए हैं. वहीं, राहुल गांधी ने बताया कि आखिर जंतर-मंतर छोड़कर उन्हें पीएम आवास के पास क्यों धरना देना पड़ा. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब राहुल गांधी ने पूछा गया कि आखिर उन्होंने पीएम आवास के पास क्यों धरना दिया, तो उनकी ओर बताया गया कि इसके दो कारण थे. हमें लगा कि अगर भारत के छात्र सड़कों पर हैं तो विपक्ष को भी सड़कों पर होना चाहिए. वहीं, दूसरा कारण था कि हम प्रधानमंत्री आवास जाने से पहले वे स्पीकर के पास गए. हम सम्मानपूर्वक उनके कमरे में गए और स्पीकर से कहा, 'यह एक बड़ा मुद्दा है. आप हमें बोलने दें, हमें इस पर चर्चा करने दें.' स्पीकर ने कहा, 'मैं सरकार से पूछूंगा.' यह स्पीकर का फैसला नहीं है, यह सरकार का फैसला है. पूछने के बाद कोई चर्चा नहीं हुई. उन्होंने पूरे मुद्दे को नजरअंदाज कर दिया. राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान एक प्रतीक हैं और छात्रों को इस बात का दुख है कि उनके साथ कैसा व्यवहार किया गया है. छात्रों के सम्मान में उस प्रतीक को हटाना होगा. हम उनकी पृष्ठभूमि जानते हैं. हम जानते हैं कि वे कितने ईमानदार हैं. हम जानते हैं कि वे किस तरह के व्यक्ति हैं. इस व्यक्ति को जाना ही होगा और इसीलिए हम कल प्रधानमंत्री के पास इस मांग का समर्थन करने गए थे, जो एक ऐसी मांग है जिसे हर एक छात्र कर रहा है. वहीं, इस पीसी के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाए कि सरकार इस मामले से ध्यान भटकाना चाहती है. सरकार इस बात को दबाना चाहती है. इसलिए वे इसे नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि हम चाहते हैं कि यह एक मुख्य मुद्दा बने और इस पर कोई समाधान निकले. प्रधान (NTA प्रमुख) को हटाया जाए, प्रधानमंत्री माफी मांगें और छात्रों के साथ मारपीट करने वालों पर कार्रवाई हो- यह पहला कदम होना चाहिए. इसके बाद हम चाहते हैं कि टेस्टिंग सिस्टम में बदलाव हों. हम चाहते हैं कि लोगों से जो पैसे लिए जा रहे हैं, उनमें भी बदलाव किए जाएं.
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