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मैले होते मेले: रीलबाज़ी, डर और ख़त्म होती संस्कृति!

Source:aajtak ↗
मेले का इंतज़ार करना बचपन का हिस्सा होता था. लेकिन अब मेलों से डर लगता है, कारण एक ही है वो है असुरक्षा का भाव. अब मेलों में पुराने मसले निपटाए जाते हैं, परिवार के साथ जाने में डर लगता है और पहुंच जाओ तो मिलती है रील कम्युनिटी की एक बड़ी भीड़. कैसे मेले का वो भाव ख़त्म होने लगा है, जानिए...
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