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देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन ग्वालियर में बनेगा, केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार एमओयू पर करेंगे हस्ताक्षर

देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन ग्वालियर में बनेगा, केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार एमओयू पर करेंगे हस्ताक्षर

नई दिल्ली/ग्वालियर, 30 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को ऐलान किया कि केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार ग्वालियर में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेंगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे।

नई दिल्ली/ग्वालियर, 30 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को ऐलान किया कि केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार ग्वालियर में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेंगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। यह एमओयू गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (डीओटी) और मध्य प्रदेश सरकार के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के बीच हस्ताक्षरित किया जाएगा। प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को लगभग 350 एकड़ क्षेत्र में प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर विकसित किया जाएगा। परियोजना के पहले चरण में आधारभूत ढांचे के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 493 करोड़ रुपए की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। इस पहल को भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए सिंधिया ने कहा, "टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और विकसित भारत 2047 के विजन को नई गति देगा। इससे देश में दूरसंचार विनिर्माण के लिए विश्वस्तरीय इकोसिस्टम तैयार होगा।" उन्होंने कहा कि यह परियोजना घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करेगी और भारत को दूरसंचार उपकरणों के वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी। सिंधिया ने बयान में कहा, "ग्वालियर में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से न केवल दूरसंचार विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और नवाचार तथा निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा।" आधिकारिक बयान के अनुसार, इस एकीकृत विनिर्माण जोन में मोबाइल फोन, दूरसंचार नेटवर्क उपकरण, फाइबर ऑप्टिक उत्पाद, सेमीकंडक्टर तथा अगली पीढ़ी की 5जी और 6जी तकनीकों के अनुसंधान, विकास और उत्पादन के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट योजनाओं जैसी राष्ट्रीय पहलों को मजबूती देगी। इसके माध्यम से अनुसंधान, नवाचार और विनिर्माण को एकीकृत करने वाला व्यापक इकोसिस्टम तैयार होगा। इस जोन से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और स्टार्टअप्स को भी नए अवसर मिलेंगे। एमओयू हस्ताक्षर समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। संचालन शुरू होने के बाद यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन देश का प्रमुख दूरसंचार विनिर्माण केंद्र बनने के साथ-साथ वैश्विक दूरसंचार और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा। --आईएएनएस एबीएस

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