चातुर्मास आरंभ, जानें इसका आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व

चातुर्मास हिंदू धर्म का चार माह का पवित्र पर्वकाल है, जिसमें संयम, साधना, जप, तप, उपवास और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व होता है. यह अवधि आत्मिक उन्नति, मन की शुद्धि और आध्यात्मिक जागरण का श्रेष्ठ अवसर मानी जाती है. The post चातुर्मास आरंभ, जानें इसका आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व appeared first on Prabhat Khabar .
Chaturmas 2026: भारतीय सनातन परंपरा में चातुर्मास को अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण काल माना गया है. यह चार महीनों की अवधि व्यक्ति को आत्मसंयम, उपासना, दान, सेवा और साधना के माध्यम से जीवन को शुद्ध एवं अनुशासित बनाने का अवसर प्रदान करती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह काल भगवान विष्णु की योगनिद्रा का समय माना जाता है. चातुर्मास का महत्व शास्त्रों के अनुसार चातुर्मास आषाढ़ शुक्ल एकादशी से प्रारंभ होकर कार्तिक शुक्ल एकादशी तक चलता है. स्कंद पुराण, गरुड़ पुराण और वामन पुराण में इसका विस्तृत वर्णन मिलता है. मान्यता है कि इस अवधि में भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में रहते हैं, इसलिए यह समय विशेष रूप से भक्ति, तप और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए समर्पित माना जाता है. शास्त्रीय आधार गरुड़ पुराण में चातुर्मास व्रत का संकल्प भगवान विष्णु के समक्ष लेने का विधान बताया गया है. वहीं पद्मपुराण में ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र के जप को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. भागवत पुराण में भी चातुर्मास का उल्लेख मिलता है, जो इसकी प्राचीनता और धार्मिक महत्व को प्रमाणित करता है. ये भी पढ़ें: चातुर्मास में मनाए जाने वाले प्रमुख व्रत और त्योहार: आध्यात्मिक साधना का पावन पर्वकाल साधना और आत्मसंयम का अवसर चातुर्मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि और व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण काल है. इस दौरान सात्त्विक भोजन, ब्रह्मचर्य, इंद्रिय संयम, सत्संग, जप, ध्यान और नियमित पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. इन नियमों का पालन व्यक्ति को मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है. आध्यात्मिक लाभ और निष्कर्ष धार्मिक मान्यता है कि चातुर्मास में किए गए जप, तप, दान और सेवा का कई गुना फल प्राप्त होता है. यह काल मन को स्थिरता, जीवन को अनुशासन और आत्मा को ईश्वर के निकट ले जाने का माध्यम बनता है. इसलिए चातुर्मास को केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और सकारात्मक जीवनशैली का पर्व भी माना जाता है. The post चातुर्मास आरंभ, जानें इसका आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व appeared first on Prabhat Khabar .
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