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ग्राम प्रधानों के बाद अब ब्लॉक प्रमुखों को भी मिलेगी ये जिम्मेदारी, पंचायती राज विभाग जल्द करेगा आदेश

ग्राम प्रधानों के बाद अब ब्लॉक प्रमुखों को भी मिलेगी ये जिम्मेदारी, पंचायती राज विभाग जल्द करेगा आदेश

यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने के कारण निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को ब्लॉक का प्रशासक बनाया जाएगा। रविवार को ब्लॉक प्रमुखों का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो जाएगा।

UP Panchayat Chunav: यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने के कारण निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को ब्लॉक का प्रशासक बनाया जाएगा। रविवार को ब्लॉक प्रमुखों का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। ऐसे में पंचायती राज विभाग ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाने का आदेश कभी भी जारी कर सकता है। शासन स्तर पर इसकी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।यूपी में कुल 826 ब्लॉक हैं और इन सभी के निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को ही प्रशासक पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। पिछले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद ब्लॉक प्रमुखों की पहली बैठक 20 जुलाई 2021 को हुई थी। ऐसे में रविवार को पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। पंचायती राज विभाग इससे पहले 26 मई को ग्राम पंचायत प्रधानों व 11 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्हें प्रशासक नियुक्त किए जाने का आदेश जारी कर दिया था।प्रशासक पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी शर्तजिला पंचायत अध्यक्ष, ग्राम प्रधानों के बाद अब निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को भी प्रशासक पद की जिम्मेदारी सशर्त सौंपी जाएगी। शर्त यह रहेगी कि वह भी सिर्फ सामान्य रूटीन कार्य ही प्रशासक के रूप में निपटाएंगे। किसी भी तरह का नीतिगत निर्णय अपने स्तर पर नहीं लेंगे। वह किसी भी नीतिगत मामले से संबंधित प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजेंगे। शासन स्तर पर ही अंतिम मुहर प्रस्ताव पर लगाई जाएगी।पंचायत चुनाव का मामला हाईकोर्ट में लंबितपंचायती राज विभाग की ओर से इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन भी जारी की जाएंगी। जिससे उन्हें यह स्पष्ट हो सके कि कौन-कौन से सामान्य रूटीन कार्य वह कर सकते हैं और कौन से नीतिगत कार्यों के लिए उन्हें जिलाधिकारी के माध्यम से शासन से अनुमति लेना आवश्यक है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाने को लेकर मामला हाईकोर्ट में लंबित है। मामले में अभी सुनवाई चल रही है। वहीं दूसरी ओर समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ओबीसी आरक्षण को तय करने के जिलों का दौरा कर रहा है। फिलहाल उम्मीद जताई जा रही है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव विधानसभा चुनावों के बाद ही कराए जा सकेंगे।

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