भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर सख्त सरकार, होर्मुज जलडमरूमध्य में तैनाती पर लगी रोक

नई दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में तेजी से गहराते सुरक्षा जोखिमों और बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने एक बड़ा रक्षात्मक कदम उठाया है। सरकार ने अगले आदेश तक...
भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर सख्त सरकार, होर्मुज जलडमरूमध्य में तैनाती पर लगी रोक नई दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में तेजी से गहराते सुरक्षा जोखिमों और बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने एक बड़ा रक्षात्मक कदम उठाया है। सरकार ने अगले आदेश तक सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) की नई नियुक्तियों और तैनाती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। शिपिंग कंपनियों और रिक्रूटमेंट एजेंसियों पर आदेश लागू यह प्रतिबंधात्मक आदेश सभी जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधन कंपनियों और नाविकों की भर्ती करने वाली 'रिक्रूटमेंट एंड प्लेसमेंट सर्विस लाइसेंस' (RPSL) कंपनियों पर पूरी तरह लागू होगा। इसके साथ ही सरकार ने सभी समुद्री व्यापारिक कंपनियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे अरब की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के पूरे समुद्री क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतें। कंपनियों को हिदायत दी गई है कि वे नौवहन (नेविगेशन) सुरक्षा संबंधी सभी वैश्विक चेतावनियों पर लगातार पैनी नजर रखें और 'इंटरनेशनल शिप एंड पोर्ट फैसिलिटी सिक्योरिटी' (ISPS) कोड का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। हमलों में 14 भारतीय नाविकों की मौत के बाद बड़ा एक्शन सरकार का यह कड़ा सुरक्षात्मक फैसला ऐसे समय में आया है, जब इसी हफ्ते होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुए ईरानी हमलों में दो भारतीय नाविकों की मौत हो गई। अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बाद से इस समुद्री मार्ग पर वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों का खतरा काफी बढ़ गया है। प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक, इस साल 28 फरवरी से लेकर अब तक इस अशांत क्षेत्र में हुए विभिन्न हमलों में कम से कम 14 भारतीय नाविक अपनी जान गंवा चुके हैं। विदेशी जहाजों पर भी 'केंद्रीकृत डैशबोर्ड' से रखी जाएगी नजर यदि कोई विदेशी शिपिंग कंपनी भारत की भौगोलिक सीमा से बाहर जाकर भारतीय नाविकों की सीधी भर्ती करती है, तो भारत सरकार का यह नया आदेश उन पर सीधे तौर पर लागू नहीं होगा। हालांकि, प्रत्येक भारतीय नाविक की सुरक्षा को हर हाल में सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने महानिदेशक नौवहन (DG Shipping/DGMA) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि जहाज चाहे किसी भी देश का क्यों न हो, यदि उस पर कोई भी भारतीय नाविक कार्यरत है, तो उसकी पूरी जानकारी एक 'केंद्रीकृत डैशबोर्ड' (Centralized Dashboard) पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। इससे किसी भी आपातकालीन हमले या संकट की स्थिति में भारतीय नौसेना या संबंधित सुरक्षा बलों के जरिए तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक खाड़ी क्षेत्र के हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक भारतीय नाविकों की जान बचाने के लिए ये एहतियाती कदम जारी रहेंगे।
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