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बालोद, सरोना और चाँपा जंक्शन की तस्वीर बदल गई

बालोद, सरोना और चाँपा जंक्शन की तस्वीर बदल गई

रायपुर। एक बड़े ढ़ांचागत पैकेज के तहत, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को प्रमुख अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया और उन्हें राष्ट्र को...

रायपुर। एक बड़े ढ़ांचागत पैकेज के तहत, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को प्रमुख अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। यह प्रधानमंत्री द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत फिर से विकसित किए गए स्टेशनों का दूसरा बड़ा राष्ट्रव्यापी समर्पण कार्यक्रम है। इससे पहले, 22 मई 2025 को प्रधानमंत्री ने 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 103 पुनर्विकसित अमृत भारत स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित किया था।इन नए रूप में विकसित स्टेशनों को आधुनिक और यात्रियों की सुविधा पर केंद्रित ट्रांजिट हब में तब्दील किया गया है। अब इनमें बेहतर सुविधाएं और आसान पहुंच की व्यवस्था है, साथ ही इनकी वास्तुकला स्थानीय और क्षेत्रीय विरासत को दर्शाती है। इसके अलावा इनमें भविष्य की जरूरतों के अनुसार ढ़ांचागत बदलाव भी किए गए हैं। देश भर के 20 राज्यों में स्थित इन 75 नए स्टेशनों को लगभग 1,570 करोड़ रुपये की कुल लागत से पुर्नविकसित किया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित किए गए स्टेशनों में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के 3 स्टेशन सरोना, बालोद एवं चांपा तथा मध्यप्रदेश राज्य के 3 स्टेशन छिंदवाड़ा, नैनपुर एवं बालाघाट शामिल थे।उपरोक्त स्टेशनों की विस्तृत जानकारी इस प्रकार है:-दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के 3 स्टेशन:-बालोद: कृषि की मज़बूती और बुनाई की परंपराओं को उजागर करता है।चाँपा जंक्शन: क्षेत्रीय संपर्क और कृषि विरासत को दिखाता है।सरोना: बढ़ती संपर्क सुविधाएं और स्थानीय बुनाई परंपराओं को प्रदर्शित करता है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य के 3 स्टेशनछिंदवाड़ा: जंगलों की विरासत का जश्न मनाता है।नैनपुर जंक्शन: अपनी ऐतिहासिक रेलवे विरासत का सम्मान करता है। बालाघाट: जनजातीय कला परंपराओं और जंगलों को शामिल करता है।अमृत ​​भारत स्टेशन योजना के बारे मेंरेल मंत्रालय ने दिसंबर 2022 में अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) की शुरूआत की थी। यह एक लंबे समय तक चलने वाली और चरणों में पूरी होने वाली मास्टर-प्लानिंग पहल है, जिसका मकसद रेलवे स्टेशनों को सिर्फ ऊपरी तौर पर चमकाने के बजाय, उन्हें आधुनिक शहर के केंद्रों के रूप में फिर से विकसित करना है। अब तक, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 261 रेलवे स्टेशनों पर पुनर्विकास का काम पूरा हो चुका है। इस योजना के तहत देश भर में 1,340 रेलवे स्टेशनों को चरणों में फिर से विकसित करने की योजना है और बाकी स्टेशनों पर काम अलग-अलग चरणों में चल रहा है।यह दुनिया के सबसे बड़े स्टेशन-आधुनिकीकरण कार्यक्रमों में से एक है, जिसके तहत देश भर में कई चरणों में निर्माण कार्य चल रहा है। इस योजना में कई तरह के सुधार शामिल हैं, जैसे कि बेहतर स्टेशन बिल्डिंग और वेटिंग हॉल, चौड़े फुट-ओवर-ब्रिज और एयर कॉनकोर्स, बेहतर सर्कुलेटिंग और पार्किंग एरिया, दिव्यांगजनों के अनुकूल सुविधाएं (रैंप, टैक्टाइल पाथ, लिफ्ट), आधुनिक साइनेज और यात्री-सूचना प्रणाली, एग्जीक्यूटिव लाउंज और जहां संभव हो, वहां टिकाऊ और शहर से जुड़ी हुई डिज़ाइन। ******

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