आईआईटी कानपुर की वेबसाइट हैक: एडमिशन न मिलने पर छात्र ने की हैकिंग, लिखा— 'मुझे बस एक मौका चाहिए'

नई दिल्ली। तकनीक के दौर में युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन अलग-अलग तरीकों से कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर से सामने आया है, जहां बीटेक साइबर सिक्योरिटी कार्यक्रम में प्रवेश नहीं मिलने से नाराज एक छात्र ने संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट हैक कर दी। वेबसाइट पर उसने एक संदेश भी छोड़ा, जिसमें लिखा था, "साइट हैक हो गई है, मुझे बस एक निष्पक्ष मौका चाहिए।" बताया जा रहा है कि छात्र ने वेबसाइट हैक करने के बाद स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) और रेडिट (Reddit) पर इसकी जानकारी साझा की। उसने स्क्रीनशॉट ...
आईआईटी कानपुर की वेबसाइट हैक: एडमिशन न मिलने पर छात्र ने की हैकिंग, लिखा— 'मुझे बस एक मौका चाहिए' नई दिल्ली। तकनीक के दौर में युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन अलग-अलग तरीकों से कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर से सामने आया है, जहां बीटेक साइबर सिक्योरिटी कार्यक्रम में प्रवेश नहीं मिलने से नाराज एक छात्र ने संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट हैक कर दी। वेबसाइट पर उसने एक संदेश भी छोड़ा, जिसमें लिखा था, "साइट हैक हो गई है, मुझे बस एक निष्पक्ष मौका चाहिए।" बताया जा रहा है कि छात्र ने वेबसाइट हैक करने के बाद स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) और रेडिट (Reddit) पर इसकी जानकारी साझा की। उसने स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किए और दावा किया कि उसका उद्देश्य वेबसाइट को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि अपनी साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करना था। बिना JEE Advanced शुरू हुआ नया कोर्स आईआईटी कानपुर ने जून 2026 में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में बैचलर इन साइबर सिक्योरिटी (B.Cyber) नामक एक नया स्नातक कार्यक्रम शुरू किया। इस कोर्स की खास बात यह है कि इसमें प्रवेश के लिए JEE Advanced स्कोर अनिवार्य नहीं रखा गया। चयन प्रक्रिया में छात्रों के हैकाथॉन अनुभव, साइबर सुरक्षा परियोजनाओं और तकनीकी कौशल को महत्व दिया गया। जानकारी के अनुसार, संबंधित छात्र ने इस कार्यक्रम में आवेदन किया था, लेकिन चयन नहीं होने पर उसने अपनी तकनीकी क्षमता साबित करने के उद्देश्य से संस्थान की वेबसाइट में अनधिकृत प्रवेश कर लिया। पहले एफआईआर पर विचार, फिर बदला फैसला आधिकारिक वेबसाइट में बिना अनुमति प्रवेश करना और उसमें बदलाव करना कानून के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। शुरुआत में आईआईटी कानपुर प्रशासन ने छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर विचार किया था, लेकिन बाद में उसका रुख बदल गया। संस्थान ने छात्र की तकनीकी क्षमता को देखते हुए उसे खुद को साबित करने का एक और अवसर देने का निर्णय लिया। हैकाथॉन में नहीं कर सका खुद को साबित आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल ने छात्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उसे हैकाथॉन के माध्यम से अपनी तकनीकी योग्यता दिखाने का मौका दिया। हालांकि, छात्र इस प्रक्रिया में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका। अब संस्थान ने उसके लिए अलग से साइबर सिक्योरिटी असेसमेंट आयोजित करने का निर्णय लिया है। यदि छात्र इस मूल्यांकन में अपनी क्षमता साबित करता है, तो उसके प्रदर्शन के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। पहले भी प्रतिभाशाली छात्रों को मिला है अवसर आईआईटी कानपुर इससे पहले भी साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर देता रहा है। इससे पूर्व सीबीएसई के ऑनलाइन पोर्टल में सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान करने वाले एक छात्र को संस्थान ने अपने C3iHub साइबर सिक्योरिटी सेंटर में कार्य करने का अवसर दिया था। संस्थान का मानना है कि देश में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं की कमी नहीं है। ऐसे युवाओं की पहचान कर उन्हें सही दिशा और मंच उपलब्ध कराना आवश्यक है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वेबसाइट या डिजिटल सिस्टम में बिना अनुमति प्रवेश करना कानूनन अपराध है। साइबर सुरक्षा कौशल का प्रदर्शन हमेशा अधिकृत मंचों, बग बाउंटी कार्यक्रमों, हैकाथॉन और वैध परीक्षण प्रक्रियाओं के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। टिप्पणियां संबंधित खबरें लेखक के बारे में रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा। रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।
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