गुड़ा-गुड़ी...:पहाड़ का मलबा रोकने के लिए बनाई दीवार अपना ही बोझ नहीं सह पाई
15 फीट ऊंची दीवार का गिरने से बचे हिस्से को देखें तो मटेरियल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जो खंडे लगे हैं। उनमें ठीक से सीमेंट-रेत का मसाला तक ठीक से नहीं भरा गया। दीवार में लगे सरिए और गिट्टी की कमी मौके पर खड़े नगर निगम के अधिकारियों को दिखाई दी है। वहीं घटना के बाद रेस्क्यू के दौरान पहले दीवार के नीचे जैक लगाए गए। तभी दीवार के नीचे दबे एक युवक ने हाथ हिलाकर ‘जिंदा’ रहने का प्रमाण रेस्क्यू टीम को दिया। इसके बाद रेस्क्यू तेज हुआ और जेसीबी की मदद से दीवार का हिस्सा हटाकर घायलों को निकाला गया। पिछले साल बारिश के दौरान उक्त पहाड़ी (मुरम) का हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया था। इसके ऊपर बने मकान का हिस्सा भी उसमें था। भविष्य में कोई घटना न हो। इसे ध्यान में रखकर नगर निगम की मौलिक निधि से आरसीसी की दीवार को खड़ा किया गया था। तभी घटना घटित हो गई। निर्माण के लेकर आयुक्त ने जो नोटिस दिए हैं। उसमें दो महीने पहले दीवार बनने की बात कही गई है। सभापति मनोज तोमर का कहना है कि अभी काम चल रहा था। वहीं पहाड़ी पर रहने वाले युवक ने बताया कि जमील खान को मकान हमने ही बेचा था। नाले के बगल में जब दीवार बनाने का काम चल रहा था। उस वक्त ईंट बिछाकर आरसीसी की दीवार बनाई। ठेकेदार के स्टाफ से तब बोला था। वे उस वक्त नाराज हो गए थे। मटेरियल इतना नहीं था कि दीवार गिर जाए। घटना स्थल पर पहुंची कलेक्टर रुचिका चौहान ने आयुक्त संघ प्रिय को निर्देश दिए हैं कि वॉल की ड्राइंग-डिजाइन एवं निर्माण गुणवत्ता की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराई जाए। इसके बाद चार सदस्यीय जांच समिति की गठन किया है। इसमें अपर आयुक्त मुनीष सिंह सिकरवार, नगर निवेशक सुरेश अहिरवार, प्रभारी सहायक यंत्री राजीव सोनी, प्रभारी कार्यालय अधीक्षक जनकार्य राजीव जायसवाल को शामिल किया गया है। कमेटी को सात दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपना है। भ्रष्टाचार की दीवार की जांच करेंगे नगर निगम के अफसर, जिनके साथी है निर्माण के जिम्मेदार सामने की पहाड़ी: यहां भी हादसे की आंशका घटना स्थल के ठीक सामने दूसरी तरफ की पहाड़ी के ऊपर एक मकान काफी खतरनाक स्थिति में नजर आता है। यहां पहाड़ी के ठीक नीचे दीवार से सटकर झोपड़ी बनी हुई है। एक दुकान अस्थाई बनी है। स्थानीय लोगों का कहना है शाम से रात्रि तक झोपड़ी में आहाता चलता है। यहां लोग शराब पीकर फिर उत्पात करते रहते है। इस स्थल पर कभी-भी हादसा हो सकता है। 8 दिन पहले बदला था स्थल गुढ़ा पहाड़ी पर अजय रजक के मकान में किराए से रहने वाले राहुल जाटव के मकान में ताला लगा था। यहां लोगों का कहना है कि राहुल पहाड़ी के नीचे उतरकर ठेला लगता था। आठ दिन पहले दूसरी तरफ रिटेनिंग वॉल की तरफ ठेला लगाने लगा। सुबह चाय-नाश्ता बेचने के लिए काम शुरू करते ही घटना हो गई। सपना बाथम पहले पति और चार बच्चों को छोड़कर राहुल के साथ रह रही थी। पहला पति कंपू पर रहता है। पीएम में शरीर पर कई घाव मिले निष्पक्ष जांच होगी, कोई भी दोषी हो, कार्रवाई कराऊंगा घटना दुखद है। दीवार गिरने से महिला की मौत हुई है। दो लोग घायल है। इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उसमें चाहे अधिकारी हो या ठेकेदार कड़ी कार्रवाई होगी। अभी दीवार का कुछ काम चल रहा था। -मनोज सिंह तोमर, सभापति, नगर निगम, ग्वालियर जांच कमेटी बना दी है, रिपोर्ट आने पर आगे कार्रवाई गुड़ा-गुड़ी पर गिरी दीवार दो महीने पहले बनी थी। घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम बना दी है। उस क्षेत्र के अधिकारियों को नोटिस दिए है। ऐसी बात सामने आई है कि ऊपर मटेरियल डला था। दीवार काफी ऊंची बन चुकी थी। घटना का कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। -संघ प्रिय, आयुक्त, नगर निगम, ग्वालियर
गुड़ा-गुड़ी...:पहाड़ का मलबा रोकने के लिए बनाई दीवार अपना ही बोझ नहीं सह पाई - कॉपी लिंक 15 फीट ऊंची दीवार का गिरने से बचे हिस्से को देखें तो मटेरियल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जो खंडे लगे हैं। उनमें ठीक से सीमेंट-रेत का मसाला तक ठीक से नहीं भरा गया। दीवार में लगे सरिए और गिट्टी की कमी मौके पर खड़े नगर निगम के अधिकारियों को दिख वहीं घटना के बाद रेस्क्यू के दौरान पहले दीवार के नीचे जैक लगाए गए। तभी दीवार के नीचे दबे एक युवक ने हाथ हिलाकर ‘जिंदा’ रहने का प्रमाण रेस्क्यू टीम को दिया। इसके बाद रेस्क्यू तेज हुआ और जेसीबी की मदद से दीवार का हिस्सा हटाकर घायलों को निकाला गया। पिछले साल बारिश के दौरान उक्त पहाड़ी (मुरम) का हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया था। इसके ऊपर बने मकान का हिस्सा भी उसमें था। भविष्य में कोई घटना न हो। इसे ध्यान में रखकर नगर निगम की मौलिक निधि से आरसीसी की दीवार को खड़ा किया गया था। तभी घटना घटित हो गई। निर्माण के लेकर आयुक्त ने जो नोटिस दिए हैं। उसमें दो महीने पहले दीवार बनने की बात कही गई है। सभापति मनोज तोमर का कहना है कि अभी काम चल रहा था। वहीं पहाड़ी पर रहने वाले युवक ने बताया कि जमील खान को मकान हमने ही बेचा था। नाले के बगल में जब दीवार बनाने का काम चल रहा था। उस वक्त ईंट बिछाकर आरसीसी की दीवार बनाई। ठेकेदार के स्टाफ से तब बोला था। वे उस वक्त नाराज हो गए थे। मटेरियल इतना नहीं था कि दीवार गिर जाए। घटना स्थल पर पहुंची कलेक्टर रुचिका चौहान ने आयुक्त संघ प्रिय को निर्देश दिए हैं कि वॉल की ड्राइंग-डिजाइन एवं निर्माण गुणवत्ता की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराई जाए। इसके बाद चार सदस्यीय जांच समिति की गठन किया है। इसमें अपर आयुक्त मुनीष सिंह सिकरवार, नगर निवेशक सुरेश अहिरवार, प्रभारी सहायक यंत्री राजीव सोनी, प्रभारी कार्यालय अधीक्षक जनकार्य राजीव जायसवाल को शामिल किया गया है। कमेटी को सात दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपना है। भ्रष्टाचार की दीवार की जांच करेंगे नगर निगम के अफसर, जिनके साथी है निर्माण के जिम्मेदार सामने की पहाड़ी: यहां भी हादसे की आंशका घटना स्थल के ठीक सामने दूसरी तरफ की पहाड़ी के ऊपर एक मकान काफी खतरनाक स्थिति में नजर आता है। यहां पहाड़ी के ठीक नीचे दीवार से सटकर झोपड़ी बनी हुई है। एक दुकान अस्थाई बनी है। स्थानीय लोगों का कहना है शाम से रात्रि तक झोपड़ी में आहाता चलता है। यहां लोग शराब पीकर फिर उत्पात करते रहते है। इस स्थल पर कभी-भी हादसा हो सकता है। 8 दिन पहले बदला था स्थल गुढ़ा पहाड़ी पर अजय रजक के मकान में किराए से रहने वाले राहुल जाटव के मकान में ताला लगा था। यहां लोगों का कहना है कि राहुल पहाड़ी के नीचे उतरकर ठेला लगता था। आठ दिन पहले दूसरी तरफ रिटेनिंग वॉल की तरफ ठेला लगाने लगा। सुबह चाय-नाश्ता बेचने के लिए काम शुरू करते ही घटना हो गई। सपना बाथम पहले पति और चार बच्चों को छोड़कर राहुल के साथ रह रही थी। पहला पति कंपू पर रहता है। पीएम में शरीर पर कई घाव मिले निष्पक्ष जांच होगी, कोई भी दोषी हो, कार्रवाई कराऊंगा घटना दुखद है। दीवार गिरने से महिला की मौत हुई है। दो लोग घायल है। इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उसमें चाहे अधिकारी हो या ठेकेदार कड़ी कार्रवाई होगी। अभी दीवार का कुछ काम चल रहा था। -मनोज सिंह तोमर, सभापति, नगर निगम, ग्वालियर जांच कमेटी बना दी है, रिपोर्ट आने पर आगे कार्रवाई गुड़ा-गुड़ी पर गिरी दीवार दो महीने पहले बनी थी। घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम बना दी है। उस क्षेत्र के अधिकारियों को नोटिस दिए है। ऐसी बात सामने आई है कि ऊपर मटेरियल डला था। दीवार काफी ऊंची बन चुकी थी। घटना का कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। -संघ प्रिय, आयुक्त, नगर निगम, ग्वालियर
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