भारतीय बाजार में कॉफी कंपनी को बड़ा झटका

बिज़नेस: भारत में तेजी से विस्तार कर रही ब्रिटेन की मशहूर कॉफी चेन कोस्टा कॉफी को बड़ा झटका लगा है। कंपनी के भारत में स्टोर नेटवर्क में पिछले पांच वित्त वर्षों में पहली बार गिरावट दर्ज की गई है।...
बिज़नेस: भारत में तेजी से विस्तार कर रही ब्रिटेन की मशहूर कॉफी चेन कोस्टा कॉफी को बड़ा झटका लगा है। कंपनी के भारत में स्टोर नेटवर्क में पिछले पांच वित्त वर्षों में पहली बार गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, स्टोर की संख्या कम होने के बावजूद कंपनी के राजस्व में बढ़ोतरी हुई है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि अब कंपनी ज्यादा मुनाफे वाले स्टोर्स और प्रति स्टोर कमाई बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। कोस्टा कॉफी की भारत में फ्रेंचाइजी पार्टनर देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड (डीआईएल) की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक देश में कोस्टा कॉफी के कुल 198 कैफे संचालित हो रहे थे। जबकि इससे एक साल पहले यानी वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी के भारत में 220 स्टोर थे। इस तरह एक साल में कंपनी के 22 स्टोर बंद हो गए। यह गिरावट इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वित्त वर्ष 2020-21 के बाद से कोस्टा कॉफी भारत में लगातार अपना नेटवर्क बढ़ा रही थी। पिछले पांच वर्षों में कंपनी ने कई शहरों में नए कैफे खोले और युवाओं के बीच अपनी पहचान मजबूत की थी। लेकिन वित्त वर्ष 2025-26 में पहली बार स्टोर्स की संख्या में कमी दर्ज की गई। हालांकि, स्टोर घटने के बावजूद कंपनी की कमाई पर इसका नकारात्मक असर नहीं पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में कोस्टा कॉफी का परिचालन राजस्व 7 प्रतिशत बढ़कर 212.5 करोड़ रुपये पहुंच गया। इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का परिचालन राजस्व 198.5 करोड़ रुपये था। आंकड़े बताते हैं कि कम स्टोर्स के बावजूद कंपनी ने प्रति स्टोर ज्यादा बिक्री करने में सफलता हासिल की है। इससे पहले कंपनी ने तेज रफ्तार से विस्तार किया था। वित्त वर्ष 2020-21 में भारत में कोस्टा कॉफी के केवल 44 स्टोर थे। इसके बाद वित्त वर्ष 2021-22 में यह संख्या बढ़कर 55 हो गई। वित्त वर्ष 2022-23 में स्टोर नेटवर्क 112 तक पहुंच गया। वहीं वित्त वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 179 और वित्त वर्ष 2024-25 में 220 हो गया था। कंपनी की ओर से स्टोर बंद होने के स्पष्ट कारण नहीं बताए गए हैं। हालांकि, देवयानी इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उसने पूरे पोर्टफोलियो के विस्तार को लेकर ज्यादा अनुशासित और चयनात्मक रुख अपनाया है। इसका मतलब है कि कंपनी अब हर जगह स्टोर खोलने के बजाय उन स्थानों पर ज्यादा ध्यान दे रही है, जहां कारोबार और ग्राहक संख्या बेहतर हो। देवयानी इंटरनेशनल ने यह भी साफ किया है कि कोस्टा कॉफी भारत में अपने विस्तार को लेकर प्रतिबद्ध है। कंपनी का कहना है कि कोस्टा कॉफी उसके प्रमुख विकास इंजन में शामिल है। इसके अलावा देवयानी इंटरनेशनल भारत में केएफसी और पिज्जा हट जैसे बड़े ब्रांड्स का संचालन भी करती है। कोस्टा कॉफी अब भारत के प्रीमियम कॉफी बाजार पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी खासतौर पर जेन-जेड और मिलेनियल ग्राहकों को अपना लक्ष्य बना रही है। कंपनी का मानना है कि युवा वर्ग कॉफी कैफे को सिर्फ पेय पदार्थ खरीदने की जगह नहीं, बल्कि दोस्तों के साथ समय बिताने, काम करने और सामाजिक मेलजोल के स्थान के रूप में देखता है। कंपनी ने बदलती उपभोक्ता पसंद को ध्यान में रखते हुए अपने मेन्यू में भी कई बदलाव किए हैं। नए उत्पादों और बेहतर ग्राहक अनुभव के जरिए कंपनी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। कोस्टा कॉफी के वैश्विक सीईओ फिलिप शैले ने अप्रैल 2025 में भारत को कंपनी के महत्वपूर्ण बाजारों में शामिल बताया था। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि आने वाले वर्षों में भारत कोस्टा कॉफी के शीर्ष वैश्विक बाजारों में शामिल हो सकता है। फिलहाल स्टोर की संख्या में गिरावट कंपनी के लिए एक चुनौती जरूर है, लेकिन बढ़ता राजस्व यह संकेत देता है कि कंपनी अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है। अब कंपनी का फोकस ज्यादा संख्या में स्टोर खोलने के बजाय बेहतर प्रदर्शन करने वाले कैफे और ग्राहकों से अधिक कमाई पर है।
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