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संकष्टी चतुर्थी आज... परिवार के कल्याण को रखें व्रत

संकष्टी चतुर्थी आज... परिवार के कल्याण को रखें व्रत

भास्कर न्यूज | जालंधर संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने में दो चतुर्थी होती है। पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते है। जोकि इस बार 2 अगस्त को है। संकष्टी चतुर्थी को पुराणों में खास महत्व बताया गया है। इस दिन विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा का विधान के साथ पूजा और व्रत करती है, उनकी संतान हमेशा निरोग रहती है। विद्वानों के अनुसार इस दिन व्रती महिलाओं को गणेश जी के पूजन के बाद सकट चौथ की कथा भी जरूर सुननी चाहिए। इस व्रत से पूरे साल की सभी चतुर्थी व्रतों का फल मिलता है। श्री शिव दुर्गा मंदिर बस्ती पीरदाद रोड कमल विहार के पुजारी गौतम भार्गव ने बताया कि संकष्ट का अर्थ है कष्ट या विपत्ति। संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रत करने से सभी कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है। इस दिन माताएं गणेश चौथ का व्रत करके अपनी संतान की दीर्घायु और कष्टों के निवारण के लिए भगवान से प्रार्थना करती है। उन्होंने बताया कि चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन को बहुत ही शुभ माना जाता है। चंद्रोदय के बाद ही व्रत पूर्ण होता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है उसकी संतान संबंधी समस्याएं भी दूर होती है। हर तरह के कार्यों की बाधा दूर होती है। धन और कर्ज संबंधी समस्याओं का समाधान होता है।

- Hindi News - Local - Punjab - Jalandhar - Sankashti Chaturthi Today... Keep A Fast For The Well being Of Your Family संकष्टी चतुर्थी आज... परिवार के कल्याण को रखें व्रत - कॉपी लिंक भास्कर न्यूज | जालंधर संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने में दो चतुर्थी होती है। पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते है। जोकि इस बार 2 अगस्त को है। संकष्टी चतुर्थी को पुराणों में खास महत्व बताया गया है। इस दिन विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा का विधान के साथ पूजा और व्रत करती है, उनकी संतान हमेशा निरोग रहती है। विद्वानों के अनुसार इस दिन व्रती महिलाओं को गणेश जी के पूजन के बाद सकट चौथ की कथा भी जरूर सुननी चाहिए। इस व्रत से पूरे साल की सभी चतुर्थी व्रतों का फल मिलता है। श्री शिव दुर्गा मंदिर बस्ती पीरदाद रोड कमल विहार के पुजारी गौतम भार्गव ने बताया कि संकष्ट का अर्थ है कष्ट या विपत्ति। संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रत करने से सभी कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है। इस दिन माताएं गणेश चौथ का व्रत करके अपनी संतान की दीर्घायु और कष्टों के निवारण के लिए भगवान से प्रार्थना करती है। उन्होंने बताया कि चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन को बहुत ही शुभ माना जाता है। चंद्रोदय के बाद ही व्रत पूर्ण होता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है उसकी संतान संबंधी समस्याएं भी दूर होती है। हर तरह के कार्यों की बाधा दूर होती है। धन और कर्ज संबंधी समस्याओं का समाधान होता है।

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