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जीजा-साले की जोड़ी की खुल गई पोल, फर्जी डॉक्टर बन चला रहे थे बच्चा चोरी गिरोह

जीजा-साले की जोड़ी की खुल गई पोल, फर्जी डॉक्टर बन चला रहे थे बच्चा चोरी गिरोह

पुलिस ने बच्चा चोरी के आरोप में फर्जी डॉक्टर श्यामजी समेत पांच लोगों को अरेस्ट कर लिया है। उनसे पूछताछ में पता चला कि श्यामजी यादव अपने जीजा के साथ मिलकर बच्चा चोरी का गिरोह चला रहा था। श्यामजी यादव ने गिरोह के साथियों को 3 लाख रुपए में बच्चा चोरी का कांट्रैक्ट दिया था।

Jija- Sala Ka Giroh: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जीजा-साले की एक जोड़ी की पोल खुल गई। चरक चौकी के सामने बरामदे से सोमवार रात चोरी हुए मजदूर छप्पू के बच्चे को बरामद कर चौक पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने बच्चा चोरी के आरोप में फर्जी डॉक्टर श्यामजी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि श्यामजी यादव अपने जीजा के साथ मिलकर बच्चा चोरी का गिरोह चला रहा था। श्यामजी ने गिरोह के साथियों को तीन लाख में बच्चा चोरी का कांट्रैक्ट दिया था। बच्चा चोरी कर गिरोह ने उसकी व्हाट्सएप पर फोटो भेजी तो श्याम ने देखा कि वह लड़की है। लड़की और उम्र डेढ़ वर्ष होने के कारण उसने सौदा कैंसिल कर दिया। इसके बाद गिरोह आलमबाग में बच्ची छोड़कर भाग निकला।पुलिस ने सीसी फुटेज के आधार पर बच्चे को बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है। उसके मिलने पर पता चलेगा कि बच्चा चोरी गिरोह का असली मकसद क्या था?पुलिस उपायुक्त पश्चिम कमलेश कुमार दीक्षित के मुताबिक गिरफ्तार चोरों में फर्जी डॉक्टर श्यामजी यादव निवासी काकोरी चौधरी खेड़ा। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्यों में बाजारखाला गुलजारनगर का मो. इरशाद शाह उसका साथी रोहित पासी उर्फ जादू, ऋषभ कश्यप और मवैया निवासी मो. सुल्तान है। बच्चा बाराबंकी के फतेहपुर के सरदारगंज निवासी छप्पू का है। छप्पू मजदूरी करता है। सोमवार रात वह परिवार के साथ चरक चौकी के सामने स्थित बरामदे में सो रहा था। रात करीब 2:30 बजे छप्पू की नींद खुली तो देखा कि उसकी डेढ़ साल की बेटी वहां नहीं थी। काफी तलाश के बाद भी बच्ची का सुराग नहीं लगा। छप्पू ने चौक पुलिस को सूचना दी। घटना के खुलासे के लिए कई टीमें गठित की गईं। पुलिस टीम ने बुधवार सुबह करीब 8:45 बजे मालवीय नगर मोड़ के पास बाजारखाला से पांच लोगों को गिरफ्तार कर बच्ची को बरामद कर लिया।नर्सिंग की पढ़ाई कर खुद को बताता था डॉक्टर,चलाता था अस्पतालएसीपी चौक शुभम कुमार के मुताबिक श्यामजी ने जीएनएम का कोर्स कर रखा है। वह खुद को डॉक्टर बताता था। पारा में वह अपने जीजा शेर सिंह के साथ मिलकर साई हॉस्पिटल चलाता था। कुछ महीने पहले ही अस्पताल बंद हो गया था। इसके बाद फिर दोनों मिलकर कोई अस्पताल चला रहे थे। शेर सिंह भी खुद को डॉक्टर बताता था। शेर सिंह मूल रूप से हरदोई के संडीला रहने वाला है।तीन लाख में तय हुआ था सौदा, बच्ची निकली तो छोड़कर भागेइंस्पेक्टर चौक ने बताया कि श्यामजी ने अपने जीजा शेर सिंह के कहने पर बच्चा चोरी का ठेका सुल्तान को दिया था। तीन लाख में सौदा तय हुआ था। सुल्तान, ऋषभ, रोहित, इरशाद ने बरामदे में सो रहे बच्चे को चोरी किया। रास्ते में सुल्तान ने बच्चे की फोटो व्हाट्सएप पर श्यामजी को भेजी। श्यामजी ने उसे अपने बहनोई शेर सिंह को भेजा। शेर सिंह ने लड़की होने और उम्र करीब डेढ़ साल की होने के कारण लेने से मना कर दिया। इसके बाद चोर बच्ची को मवैया में छोड़कर भाग निकले। सीसी फुटेज के आधार पर रूट प्लान तैयार कर बच्ची को बरामद किया गया। इसके बाद गिरोह को पकड़ा गया।मानव और अंग तस्करी समेत अन्य बिंदुओं पर जांच पुलिस गिरोह के संबंध में मानव और अंग तस्करी के संबंध में जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि सरगना शेर सिंह के मिलने पर ही पता चल सकेगा कि बच्चा चोरी का असली मकसद क्या था? पुलिस गिरोह के अपराधिक इतिहास भी जुटा रही है। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि शेर सिंह भी फर्जी डॉक्टर था। गिरोह के पास से मिले मोबाइल और अन्य साक्ष्यों से नेटवर्क तलाश रही है।

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