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फास्ट ट्रैक कोर्ट में तीन महीने में होगा मामलों का निपटारा: सीएम मोहन यादव

फास्ट ट्रैक कोर्ट में तीन महीने में होगा मामलों का निपटारा: सीएम मोहन यादव

Bhopal भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में बनाए जाने वाले फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामलों का निपटारा तीन माह में किया जाएगा। राजधानी के विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में...

Bhopal भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में बनाए जाने वाले फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामलों का निपटारा तीन माह में किया जाएगा। राजधानी के विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा मध्य प्रदेश सरकार शिक्षक और विद्यार्थी वर्ग के कल्याण से जुड़े सभी विषयों पर अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विद्यार्थियों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की जनता के हित में जब भी कोई निर्णय लिया जाता है, मध्य प्रदेश उसे लागू करने और निर्णय के अनुरूप नीतिगत व्यवस्था बनाने वाला पहला राज्य होता है। समय की जरूरत है कि युवाओं से संबंधित न्यायिक फैसले द्रुत गति से हों। इसके लिए मध्य प्रदेश में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट्स (भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में) बनाए जाएंगे। पेपर लीक और परीक्षा सहित अन्य मामलों का फास्ट ट्रैक कोर्ट में मात्र 3 माह में निराकरण किया जाएगा।सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मन में विद्यार्थियों के कल्याण और उनसे जुड़े सभी विषयों को लेकर बेहद सकारात्मक भाव हैं।जैसे ही नीट पेपर लीक का मामला सामने आया, उसकी जांच के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की। प्रकरण दर्ज हुआ और देशभर में तेज गति से आरोपियों की गिरफ्तारियां भी की गई, फिर दोबारा नीट परीक्षा कराई गई।मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार पूरी सहानुभूति और संवेदना विद्यार्थियों के साथ है। हम हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। उन्‍होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में नीट परीक्षाएं बेहतर और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हों, इसके लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स (एसओपी) तैयार कर सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।सीएम ने कहा मध्य प्रदेश वह राज्य है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश में सबसे पहले लागू की गई। पिछले ढाई साल के कार्यकाल में राज्य सरकार ने 3 नए शासकीय विश्वविद्यालय प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में विकास की गतिविधियों को गति देकर तेजी लाने के साथ-साथ युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कल्याण की चिंता कर इनके हित में निर्णय लेना भी हमारा कर्तव्य है। विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय हमारी सरकार ले चुकी है और यह आगे भी लगातार जारी रहेंगी।

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