हरदा में खाद के लिए किसानों की लंबी कतारें:तीन दिन से नहीं मिल रही खाद, मक्का की फसल पीली पड़ रही
हरदा जिले में किसानों को खाद के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। जिले के एमपी एग्रो और डीएमओ गोदामों पर खाद लेने के लिए किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई किसान तीन दिनों से खाद के इंतजार में खड़े हैं, जिससे उनकी मक्का की फसल पीली पड़ने लगी है। बुधवार सुबह से ही खाद वितरण केंद्रों पर किसानों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। किसान खेतों का काम छोड़कर सुबह चार बजे से ही लाइन में लग रहे हैं, लेकिन कई घंटों के इंतजार के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों का कहना है कि जब उनकी बारी आती है, तब तक खाद खत्म हो जाती है। हालांकि, कृषि उप संचालक प्रकाश ठाकुर ने दावा किया है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले में 19 हजार मीट्रिक टन खाद मौजूद है, जिसमें 6 हजार मीट्रिक टन यूरिया शामिल है, जिसे किसानों को वितरित किया जा रहा है। वजह- ई-टोकन व्यवस्था स्थगित करना खाद वितरण केंद्रों पर लंबी कतारों का एक मुख्य कारण ई-टोकन व्यवस्था का अस्थायी रूप से स्थगित होना है। भोपाल में हुए किसान आंदोलन के बाद सरकार ने यह व्यवस्था रोक दी थी, जिससे किसानों को सीधे लाइन में लगना पड़ रहा है। किसान इस व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन ई-टोकन प्रणाली में लिमिट बढ़ाने और पोर्टल को पूरे समय खुला रखने की शर्त के साथ। खाद के लिए सिर्फ पुरुष किसान ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी अपने छोटे बच्चों और घर का काम छोड़कर लाइन में लगी हुई हैं। कई किसान तो जरूरी दस्तावेज लेकर रात से ही अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। किसान बोले- अभी खाद की ज्यादा जरूरत किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन के इस महत्वपूर्ण समय में खाद की सबसे ज्यादा जरूरत है, खेतों में मक्का और सोयाबीन फ़सल को यूरिया की जरूरत है, लेकिन व्यवस्था की खामी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। इसके चलते मक्का की फसल पीली पड़ रही है। वहीं उन्हें डीएपी की जरूरत है। लेकिन उन्हें एनपीके थमाया जा रहा है। यदि समय से यूरिया नहीं मिलती तो मक्का का उत्पादन प्रभावित होगा। किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन के इस महत्वपूर्ण समय में खाद की सबसे ज्यादा जरूरत है, खेतों में मक्का और सोयाबीन फ़सल को यूरिया की जरूरत है, लेकिन व्यवस्था की खामी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। देखिए तस्वीरें...
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