बिजली बिल से नाम-पते गायब, यूपी के लाखों उपभोक्ताओं की मुश्किल बढ़ी

उत्तर प्रदेश में नए बिजली बिल फॉर्मेट ने लाखों उपभोक्ताओं की मुश्किल बढ़ा दी हैं। नए बिजली बिल से नाम-पते गायब हैं। इस तरह यह बिजली बिल का अब अधिकांश संस्थानों में स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) और केस्को के नए बिजली बिल फॉर्मेट ने लाखों उपभोक्ताओं की मुश्किल बढ़ा दी है। नए बिल में उपभोक्ता का पूरा नाम और पता अक्षरों की जगह ''XXXX'' के रूप में दिखाया जा रहा है। इससे बिजली बिल की पहचान और पते के प्रमाण (एड्रेस प्रूफ) के रूप में उपयोगिता लगभग खत्म हो गई है। वर्षों से आधार कार्ड में पता अपडेट कराने, बैंक केवाईसी, पासपोर्ट, गैस कनेक्शन समेत कई सरकारी और निजी कार्यों में इस्तेमाल होने वाला बिजली बिल अब अधिकांश संस्थानों में स्वीकार नहीं किया जा रहा है।उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली बिल हमेशा सबसे भरोसेमंद एड्रेस प्रूफ माना जाता था, लेकिन नए फॉर्मेट के कारण अब उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज लगाने पड़ रहे हैं या उनके जरूरी काम लंबित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस व्यवस्था का विरोध करते हुए उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में याचिका दाखिल करने का फैसला किया है।ओटीपी हटाया, फिर नाम-पता भी छिपा दियायूपीपीसीएल ने कुछ महीने पहले वेबसाइट से बिजली बिल डाउनलोड करने के लिए मोबाइल ओटीपी की अनिवार्यता समाप्त कर दी। अब केवल खाता संख्या के आधार पर कोई भी व्यक्ति बिल डाउनलोड कर सकता है। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर अपडेट न होने के कारण ओटीपी नहीं पहुंच पा रहा था, इसलिए अस्थायी रूप से यह व्यवस्था हटाई गई। बिल के दुरुपयोग से बचाने के लिए नाम और पता छिपाया गया है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि मोबाइल नंबर अपडेट होने और ओटीपी व्यवस्था दोबारा लागू होने के बाद बिल पर पूरा नाम और पता फिर से दिखाया जाएगा।इन कामों में काम आता है बिजली बिल1. आधार कार्ड में पता अपडेट, 2. पासपोर्ट के लिए पता प्रमाण, 3. बैंक खाता खोलना, 4. बैंक केवाईसी अपडेट, 5. ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना, 6. ड्राइविंग लाइसेंस में पता बदलना, 7. वाहन (आरसी) में पता अपडेट, 8. गैस (एलपीजी) कनेक्शन लेना, 9. गैस कनेक्शन ट्रांसफर, 10. ब्रॉडबैंड/फाइबर कनेक्शन लेना, 11. लैंडलाइन कनेक्शन, 12. पोस्ट ऑफिस बचत खाता/केवाईसी,13. बीमा (इंश्योरेंस) केवाईसी, 14. म्यूचुअल फंड/डीमैट केवाईसी (जहां स्वीकार्य हो), 15. स्कूल/कॉलेज में पता प्रमाण, 16. कर्मचारी रिकॉर्ड (एचआर) में एड्रेस प्रूफ, 17. किरायानामा/रेंट एग्रीमेंट के सत्यापन में सहायक दस्तावेज, 18. विभिन्न सरकारी विभागों में पता प्रमाण के रूप में (जहां बिजली बिल स्वीकार्य दस्तावेजों में शामिल हो।मीडिया प्रभारी एक्सईएन देवेंद्र वर्मा ने बताया कि वर्तमान में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की केवाईसी होने तक बिना ओटीपी बिल डाउनलोड की सुविधा दी जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर नाम, पता वेबसाइट में छुपाया गया है।उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि गोपनीयता के नाम पर बिजली बिल में एड्रेस प्रूफ के तौर पर नाम-पता हटाकर सुविधा बंद करना गलत है। इस मामले में नियामक आयोग में याचिका दाखिल की जाएगी।- , ,
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